बिजनौर: आधार कार्ड ने खोला 'संदीप' का राज, सालों तक पहचान छिपाकर महिला को धोखे में रखने वाला सलमान गिरफ्तार
बिजनौर पुलिस ने एक शख्स को गिरफ्तार किया जिसने सालों तक अपनी पहचान छिपाकर महिला को धोखे में रखा। आधार कार्ड से खुला असली सच।

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में एक ऐसा मामला सामने आया है, जहां एक शख्स की सालों पुरानी झूठ की बुनियाद सिर्फ एक सरकारी दस्तावेज ने ढहा दी। बिजनौर पुलिस ने सलमान अहमद नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है, जिसने अपनी असली पहचान छिपाकर एक महिला के साथ रिश्ता बनाया और उसे लंबे समय तक धोखे में रखा। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब बच्चों के टीकाकरण के लिए अस्पताल में पिता के आधार कार्ड की मांग की गई।
घटना की जानकारी देते हुए बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि आरोपी सलमान अहमद, जो कि धामपुर थाना क्षेत्र के हबीवाला का निवासी है, ने अपनी पहचान बदलकर महिला को जाल में फंसाया था। पीड़िता ने धामपुर थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि साल 2019 में चंडीगढ़ में उसकी मुलाकात आरोपी से हुई थी। उस समय आरोपी ने अपना नाम 'संदीप' बताया था और वह वहां ऑटो-रिक्शा चालक के रूप में काम कर रहा था।
महिला आरोपी की बातों में आ गई और दोनों साथ रहने लगे। इस रिश्ते के दौरान उनके तीन बच्चे भी हुए। महिला को इस बात का जरा भी अंदाजा नहीं था कि जिसे वह संदीप समझ रही है, वह वास्तव में कोई और है।
टीकाकरण के दौरान खुला राज, फिर शुरू हुआ जुल्म
धोखे का यह खेल तब खत्म हुआ जब महिला अपने बच्चों को टीकाकरण के लिए चंडीगढ़ के एक मेडिकल सेंटर ले गई। वहां डॉक्टरों ने कागजी कार्रवाई के लिए पिता के आधार कार्ड की मांग की। जैसे ही आधार कार्ड सामने आया, महिला के पैरों तले जमीन खिसक गई; कार्ड पर नाम 'संदीप' नहीं बल्कि 'सलमान अहमद' लिखा था।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने इस धोखे के बारे में सवाल किए, तो आरोपी ने उसके साथ मारपीट की और उसे घर से बाहर निकाल दिया। इतना ही नहीं, महिला ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने उस पर धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया और उसका यौन शोषण किया।
पुलिस ने पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है ताकि आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।