बिजनौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 55 लाख की अवैध शराब जब्त, हरियाणा का ड्राइवर गिरफ्तार

बिजनौर पुलिस ने पंजाब से बिहार जा रही 55 लाख रुपये की अवैध शराब पकड़ी। 'पुष्पा' स्टाइल में चल रहे इस तस्करी नेटवर्क का खुलासा हुआ।

Shubham Singh28 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बिजनौर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 55 लाख की अवैध शराब जब्त, हरियाणा का ड्राइवर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक ट्रक से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद की है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 55 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में पुलिस ने ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है और तस्करी के एक ऐसे नेटवर्क का पर्दाफाश किया है जो फिल्मी अंदाज में अपना काम कर रहा था।

बिजनौर के पुलिस अधीक्षक कृष्णा कुमार बिश्नोई ने बताया कि यह कामयाबी स्वाट टीम, सर्विलांस यूनिट और कोतवाली देहात पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन का नतीजा है। पुलिस ने जब ट्रक (नंबर UP71T7412) को रोका, तो उसमें से शराब के 650 केस बरामद हुए। इनमें 540 केस इंपीरियल ब्लू और 110 केस आरएस ब्रांड की शराब के थे। पुलिस के मुताबिक, यह खेप पंजाब के चंडीगढ़ स्थित एक फैक्ट्री से बिहार ले जाई जा रही थी और रास्ते में हापुड़ में रुकना तय था। तस्करी के लिए फर्जी दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया था।

'पुष्पा' फिल्म जैसा तरीका और वर्चुअल नंबर का खेल

इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा तस्करी के तरीके को लेकर हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड हरियाणा का रहने वाला राहुल है। वह अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल नंबरों का इस्तेमाल करता था। तस्करी का तरीका बिल्कुल 'पुष्पा' फिल्म जैसा था, जिसमें ड्राइवरों को निर्देश दिए जाते थे कि वे ट्रक को चाबी समेत एक तय जगह पर छोड़ दें, ताकि दूसरा ड्राइवर उसे वहां से आगे ले जा सके और पुलिस को चकमा दिया जा सके।

गिरफ्तार ड्राइवर की पहचान हरियाणा के नूह मेवात जिले के मोहम्मद आज़िब के रूप में हुई है। आज़िब ने पुलिस को बताया कि उसे इस ट्रिप के लिए 20 हजार रुपये दिए गए थे और डिलीवरी के बाद 30 हजार रुपये और देने का वादा किया गया था, साथ ही 500 रुपये का दैनिक भत्ता भी तय था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन और 2,050 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।

कोतवाली देहात पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सचिन मलिक और एसएचओ सुनील कुमार के नेतृत्व में टीम अब मास्टरमाइंड राहुल और उसके साथियों की तलाश में छापेमारी कर रही है।

Share:

Comments

Leave a comment