बदायूं गन हाउस पर बिहार पुलिस का छापा, कारतूस तस्करी सिंडिकेट का बड़ा खुलासा

बिहार पुलिस ने यूपी के बदायूं स्थित गन हाउस पर छापेमारी की है। यह कार्रवाई कारतूस तस्करी सिंडिकेट के खुलासे के बाद की गई है।

Shubham Singh3 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बदायूं गन हाउस पर बिहार पुलिस का छापा, कारतूस तस्करी सिंडिकेट का बड़ा खुलासा

उत्तर प्रदेश के बदायूं में उस वक्त हड़कंप मच गया जब बिहार पुलिस की एक टीम ने सिविल लाइंस थाना क्षेत्र में स्थित एक गन हाउस पर अचानक छापेमारी कर दी। यह पूरी कार्रवाई कारतूसों की तस्करी से जुड़े एक बड़े सिंडिकेट के खुलासे के बाद की गई है। बिहार पुलिस की इस रेड में उन्हें स्थानीय उत्तर प्रदेश पुलिस का पूरा सहयोग मिला, जिसका नेतृत्व बदायूं के अपर पुलिस अधीक्षक सुमेध मिलिंद जाधव ने किया।

दरअसल, इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब बिहार स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और भोजपुर पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की। पुलिस ने भोजपुर के कोइलवर इलाके से तीन संदिग्धों को गिरफ्तार किया था, जिनकी पहचान मुजफ्फरपुर के लालटू कुमार (38 वर्ष) और सारस कुमार (27 वर्ष) तथा सीवान के चंदन तिवारी (26 वर्ष) के रूप में हुई है। इन आरोपियों के पास से करीब 19,200 जिंदा कारतूस, एक देसी पिस्तौल और एक वाहन बरामद किया गया था।

पूछताछ में खुला बदायूं का कनेक्शन

जब गिरफ्तार किए गए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की गई, तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। आरोपियों ने कबूल किया कि वे भारी मात्रा में कारतूस बदायूं से मंगवा रहे थे, जिन्हें बाद में बिहार के अलग-अलग जिलों जैसे मुजफ्फरपुर, सीवान, सुपौल और दरभंगा में सप्लाई किया जाना था। इसी जानकारी के आधार पर बिहार पुलिस की टीम बदायूं पहुंची और संबंधित गन हाउस की जांच शुरू की।

पुलिस टीम ने गन हाउस के स्टॉक रजिस्टर, बिक्री के रिकॉर्ड और लाइसेंस से जुड़े तमाम दस्तावेजों की बारीकी से जांच की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि अवैध रूप से कारतूसों की सप्लाई कैसे हो रही थी। बदायूं की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अंकिता शर्मा ने इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच अभी जारी है। हालांकि, गन हाउस की तलाशी के बाद अब तक क्या मिला है, इस पर पुलिस ने अभी चुप्पी साध रखी है और विस्तृत जांच के बाद ही आधिकारिक जानकारी साझा की जाएगी।

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