BHU में पहली बार गूंजी मेधावियों की तालियां, एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में 332 टॉपर सम्मानित

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के कैंपस में शुक्रवार को एक अलग ही उत्साह देखने को मिला। विश्वविद्यालय ने पहली बार 'एकेडमिक एक्सीलेंस अवॉर्ड्स' समारोह का आयोजन किया, जिसमें उन 332 होनहार छात्रों को सम्मानित किया गया जिन्होंने अपनी परीक्षाओं में 8.5 या उससे अधिक CGPA हासिल कर टॉप किया था। यह पहल छात्रों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने और उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए शुरू की गई है।
इस खास मौके पर स्नातक (UG) और स्नातकोत्तर (PG) दोनों स्तरों के छात्रों को पुरस्कार दिए गए। कुल 332 पुरस्कार विजेताओं में 173 स्नातक और 159 स्नातकोत्तर छात्र शामिल थे। अगर संकायों की बात करें तो आर्ट्स फैकल्टी ने सबसे ज्यादा 92 अवॉर्ड्स जीते, जबकि साइंस फैकल्टी के नाम 78 और एग्रीकल्चर व संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकायों के 29-29 छात्रों को सम्मानित किया गया।
प्रतिभा को कैंपस में ही सम्मान देने की नई परंपरा
समारोह की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने इस पहल के पीछे का उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के कैलेंडर में एक ऐसा दिन होना जरूरी था जो शिक्षा के मूल उद्देश्य का जश्न मनाए। प्रोफेसर चतुर्वेदी ने जोर देकर कहा कि इन छात्रों को उनके कैंपस छोड़ने के बाद नहीं, बल्कि कैंपस में रहते हुए ही सम्मानित किया जा रहा है, ताकि उनकी सफलता अन्य छात्रों के लिए प्रेरणा बन सके।
कुलपति ने गैलरी में बैठे अन्य छात्रों को चुनौती देते हुए कहा कि यह उनके लिए एक 'कॉल टू एक्शन' है। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे इन टॉपर्स से मुकाबला करें और अगले साल अपनी जगह इस मंच पर बनाएं। साथ ही, उन्होंने इस सफलता की नींव रखने वाले शिक्षकों के प्रति भी गहरा सम्मान व्यक्त किया।
छात्र डीन प्रोफेसर रंजन कुमार सिंह ने बताया कि यह पुरस्कार सत्र 2025-26 से संस्थागत किए गए हैं और हर साल लगभग 500 छात्रों को दो चरणों में सम्मानित किया जाएगा। पुरस्कारों का निर्धारण कोर्स में छात्रों की संख्या के आधार पर किया गया है—जहाँ 100 से अधिक छात्र हैं वहां तीन, 50 से 100 के बीच दो और 50 से कम छात्रों वाले कोर्स में एक अवॉर्ड दिया जाएगा।
स्वतंत्र भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में छात्रों का ऐसा जोश था कि हॉल पूरा भरने के बाद कई छात्र पहली मंजिल की बालकनी पर खड़े होकर समारोह देख रहे थे। पुरस्कार वितरण कुलपति, रजिस्ट्रार राजन श्रीवास्तव, डीन प्रोफेसर रंजन कुमार सिंह और परीक्षा नियंत्रक प्रोफेसर जी.पी. सिंह की मौजूदगी में संपन्न हुआ।