बीएचयू में एबीवीपी का 19 दिन का आंदोलन खत्म, चीफ प्रॉक्टर की शक्तियां सीमित; अब कुलपति लेंगे फैसले

बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (बीएचयू) में छात्रों की सुरक्षा, गरिमा और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर पिछले 19 दिनों से चल रहा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का जोरदार आंदोलन आखिरकार खत्म हो गया है। यह आंदोलन तब समाप्त हुआ जब कुलपति प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी ने खुद विरोध स्थल पर पहुंचकर भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन दिया।
इस पूरे संघर्ष का सबसे बड़ा नतीजा यह रहा कि अब चीफ प्रॉक्टर छात्र मामलों से जुड़े अपने अधिकारों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा जब तक कि जांच समिति अपनी रिपोर्ट सौंप नहीं देती। इस अंतरिम अवधि के दौरान, छात्रों से जुड़े सभी महत्वपूर्ण फैसले सीधे कुलपति द्वारा लिए जाएंगे।
इन मांगों पर बनी सहमति और होगी जांच
विश्वविद्यालय की समन्वय समिति (CCSM) और छात्रों के बीच हुई लंबी चर्चा के बाद कई अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। प्रशासन ने निम्नलिखित कदम उठाने का वादा किया है:
- जांच समिति का गठन: 12 सितंबर 2026 को पंडित ओमकारनाथ ठाकुर ऑडिटोरियम की बुकिंग और चीफ प्रॉक्टर के खिलाफ मिली शिकायतों की जांच के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी। इसकी आधिकारिक अधिसूचना 12 अक्टूबर 2026 को जारी होगी।
- अनुशासनात्मक कार्रवाई पर अपील: जिन छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की गई है, उन्हें अपनी अपील करने का मौका दिया जाएगा।
- कैंपस सुरक्षा में सुधार: संवेदनशील इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाई जाएगी और लाइटिंग बेहतर की जाएगी। मधुबन क्षेत्र में 24 घंटे सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
- सुविधाओं का प्रबंधन: कैंपस के फूड स्टॉल्स पर निर्धारित रेट लिस्ट का पालन कराया जाएगा और खेल के मैदानों में बाहरी लोगों के प्रवेश तथा तेज रफ्तार ड्राइविंग पर लगाम लगाई जाएगी।
- गार्ड्स का वेतन: सुरक्षा गार्डों के वेतन संबंधी मुद्दों की डीजीएमएस (DGMS) गाइडलाइन्स के अनुसार समीक्षा की जाएगी।
प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि इनमें से अधिकतर उपायों को 45 दिनों के भीतर पूरा कर लिया जाएगा, जबकि बाकी मांगों की प्रगति की समीक्षा महीने में दो बार की जाएगी।
एबीवीपी बीएचयू यूनिट के अध्यक्ष पल्लव सुमन और सचिव अनुराग तिवारी ने इस जीत को लोकतांत्रिक संघर्ष का परिणाम बताया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन अब यह सुनिश्चित करे कि जांच निष्पक्ष हो और सभी लिखित वादों को समय पर लागू किया जाए। भूख हड़ताल खत्म होने के बाद छात्रों ने महामना पंडित मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए।