कानपुर: बरनाओ गौशाला में मजदूर की मजदूरी रोकने का आरोप, पुलिस से की शिकायत

कानपुर के पटारा ब्लॉक स्थित बरनाओ बृहद गौशाला एक बार फिर विवादों के घेरे में आ गई है। हाल ही में अधिकारियों द्वारा गौशाला की व्यवस्थाओं को दुरुस्त बताने के बाद अब यहाँ काम करने वाली एक महिला मजदूर ने मजदूरी न मिलने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले ने स्थानीय स्तर पर चर्चा छेड़ दी है कि क्या वास्तव में गौशाला का प्रबंधन सही ढंग से चल रहा है।
पूरा मामला बरनाओ निवासी कमलवती का है, जिन्होंने पटारा पुलिस चौकी के प्रभारी को एक लिखित शिकायत सौंपी है। कमलवती का आरोप है कि ग्राम प्रधान के पति सुरेश सिंह सेंगर ने उन्हें गौशाला में जानवरों की देखभाल, उन्हें चारा और पानी देने के काम के लिए रखा था। तय हुआ था कि उन्हें इस काम के लिए 9,000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
महिला का दावा है कि उन्होंने एक महीने तक पूरी निष्ठा से काम किया, लेकिन काम खत्म होने के कई महीने बीत जाने के बाद भी उन्हें उनकी मेहनत की कमाई नहीं मिली। कमलवती के अनुसार, उन्होंने अपनी बकाया मजदूरी के लिए ग्राम प्रधान और स्थानीय अधिकारियों से कई बार गुहार लगाई, लेकिन जब कहीं से कोई मदद नहीं मिली, तो उन्हें मजबूरन पुलिस का दरवाजा खटखटाना पड़ा।
प्रशासनिक दावों और आरोपों में टकराव
हैरानी की बात यह है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब बीडीओ शिव नरेश राजपूत और पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. महेंद्र कुमार ने एक वायरल वीडियो के बाद गौशाला की व्यवस्थाओं को पूरी तरह ठीक बताया था। अब मजदूरी विवाद ने प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
दूसरी तरफ, ग्राम प्रधान पक्ष ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया है। उनका कहना है कि गौशाला का संचालन सही तरीके से हो रहा है और महिला द्वारा लगाए गए आरोप गलत हैं।
फिलहाल, पटारा पुलिस चौकी ने शिकायत दर्ज कर ली है और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों को बुलाकर बातचीत की जाएगी और मामले का उचित समाधान निकाला जाएगा।