बरेली: निर्माण के दो दिन बाद ही उखड़ने लगी मीरगंज-बालूपुरा रोड, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
बरेली में मीरगंज-बालूपुरा रोड निर्माण के दो दिन बाद ही उखड़ने लगी। ग्रामीणों ने घटिया सामग्री के इस्तेमाल का लगाया आरोप।

उत्तर प्रदेश के बरेली में विकास के दावों की पोल खुल गई है। यहां मीरगंज से बालूपुरा को जोड़ने वाली नई सड़क निर्माण के महज दो दिन बाद ही बिखरने लगी है। सड़क की हालत इतनी खराब है कि सड़क पर बिछाई गई गिट्टियां और पत्थर हाथ से छूने मात्र से ही बाहर निकल रहे हैं। इस बरेली सड़क निर्माण भ्रष्टाचार के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है और स्थानीय लोग प्रशासन के खिलाफ आक्रोशित हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनाने में बेहद घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया है। स्थानीय निवासी जलालुद्दीन ने बताया कि सड़क की स्थिति इतनी दयनीय है कि यह कुछ दिन भी नहीं टिक पाएगी, जबकि इसकी मजबूती की उम्मीद कम से कम छह महीने तक की थी। लोगों का कहना है कि जैसे ही इस बदहाल सड़क का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, मौके से निर्माण कार्य पूरी तरह बंद कर दिया गया।
लापरवाही का आरोप और अधिकारियों की चुप्पी
इस पूरे मामले में जिला पंचायत सदस्य निरंजन यदुवंशी ने गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि उन्होंने निर्माण कार्य के दौरान बार-बार अधिकारियों से गुणवत्ता मानकों का पालन करने का आग्रह किया था, लेकिन उनकी बातों को अनसुना कर दिया गया। यदुवंशी के मुताबिक, उन्होंने खुद मौके पर जाकर सही तरीके से निर्माण कराने के निर्देश दिए थे, फिर भी लापरवाही बरती गई।
जब इस मामले में जूनियर इंजीनियर शिवम से संपर्क किया गया, तो उन्होंने रविवार को कार्यालय बंद होने का हवाला देते हुए प्रोजेक्ट की लागत और अनुमानित खर्च के बारे में कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया। मौके पर निरीक्षण के दौरान यह साफ देखा गया कि सड़क की ऊपरी परत इतनी कमजोर है कि बिना किसी मेहनत के पत्थर उखड़ रहे हैं और वहां कोई भी कर्मचारी मौजूद नहीं था।
अब गांव वालों की मांग है कि इस पूरे प्रोजेक्ट की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी अधिकारियों व ठेकेदारों पर कार्रवाई हो। साथ ही, तकनीकी मानकों के अनुरूप सड़क का दोबारा निर्माण किया जाए ताकि लोगों को आने-जाने में परेशानी न हो।