बरेली: पशुपालन विभाग में महिला कर्मचारियों की जासूसी का आरोप, भाजपा नेता ने की शिकायत
बरेली पशुपालन विभाग में बिना अनुमति सीसीटीवी लगाकर महिला कर्मचारियों की निगरानी का आरोप लगा है। भाजपा नेता ने एसीएस से की शिकायत।

उत्तर प्रदेश के बरेली में पशुपालन विभाग के एक कार्यालय में निजता के उल्लंघन और गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। आरोप है कि यहाँ तैनात एक वरिष्ठ अधिकारी ने महिला कर्मचारियों की निगरानी के लिए कार्यालय में अवैध तरीके से सीसीटीवी कैमरे लगवाए और उनका लाइव फीड अपने मोबाइल फोन से जोड़ लिया। इस मामले को लेकर शाहजहाँपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश कुमार वर्मा ने पशुपालन विभाग के अपर मुख्य सचिव (ACS) को एक औपचारिक शिकायत भेजी है।
शिकायत में बताया गया है कि अपर निदेशक (ग्रेड-2, प्रशासन) डॉ. मदन पाल सिंह के कार्यकाल के दौरान कार्यालय परिसर में तीन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए। आरोप है कि इन कैमरों की खरीद में सरकारी नियमों की अनदेखी की गई और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) पोर्टल का इस्तेमाल नहीं किया गया। शिकायतकर्ता ने इन उपकरणों की खरीद, प्रशासनिक मंजूरी और भुगतान के रिकॉर्ड की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
महिला कर्मचारियों की निजता पर खतरा और गंभीर आरोप
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू कैमरों की लोकेशन है। शिकायत के अनुसार, एक कैमरा उस गैलरी में लगाया गया है जहाँ महिला कर्मचारी अपना आधिकारिक काम करती हैं, जिससे वे बेहद असहज और तनाव महसूस कर रही हैं। वहीं, दूसरा कैमरा महिला शौचालय की ओर जाने वाले रास्ते पर लगाया गया है, जिससे उनकी निजी गतिविधियों की रिकॉर्डिंग होने का डर बना हुआ है।
भाजपा नेता दिनेश कुमार वर्मा का दावा है कि अपर निदेशक ने इन कैमरों का सीधा एक्सेस अपने निजी मोबाइल फोन पर रखा हुआ है, ताकि वह कर्मचारियों की हर हरकत पर नजर रख सकें। उन्होंने इसे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार) और सुप्रीम कोर्ट के पुट्टास्वामी फैसले का खुला उल्लंघन बताया है।
शिकायतकर्ता ने मांग की है कि कैमरों का तकनीकी ऑडिट किया जाए और दोषी अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। इस शिकायत की प्रतियां उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, पशुपालन मंत्री, लखनऊ स्थित राज्य महिला आयोग और बरेली मंडल के कमिश्नर को भी भेजी गई हैं ताकि महिला कर्मचारियों की गरिमा और प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।