बाराबंकी: महिला की पीट-पीटकर हत्या के मामले में तीन दोषियों को 10-10 साल की जेल

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में एक महिला की बेरहमी से हत्या के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने लापरवाही और हिंसा के इस मामले में तीन आरोपियों को दोषी करार देते हुए उन्हें 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही, अदालत ने तीनों दोषियों पर 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह फैसला 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत प्रभावी पैरवी का नतीजा माना जा रहा है, जिसका मकसद गंभीर अपराधों में दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाना है।
क्या था पूरा मामला?
यह खौफनाक घटना साल 2018 की है। कुर्सी पुलिस स्टेशन क्षेत्र के कुकरीहा गांव (मजरे दतवा) के रहने वाले छन्नू लाल, अमित कुमार उर्फ छोटकन्ने और प्रेमचंद्र पर एक महिला के साथ मारपीट और हत्या का आरोप था। 23 जनवरी 2018 को राकेश कुमार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनकी पत्नी के साथ गाली-गलौज की गई और फिर उसे लाठियों और 'बांका' (एक प्रकार का धारदार हथियार) से बुरी तरह पीटा गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
शुरुआत में पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन जांच के दौरान एक आरोपी महिला, सुशीला की मृत्यु हो गई। तत्कालीन जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर मनीष कुमार ने सबूत जुटाकर अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर 9), बाराबंकी ने मामले की गंभीरता और सबूतों को देखते हुए तीनों आरोपियों को आईपीसी की धारा 304 (गैर इरादतन हत्या), 323 और 504 के तहत दोषी पाया। पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देशन में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत इस केस की निरंतर निगरानी की गई। सरकारी वकील वरुण कुमार मिश्रा और पुलिस की मॉनिटरिंग सेल की मेहनत से यह सजा सुनिश्चित हो सकी।