बाराबंकी: मिशन शक्ति के तहत छात्राएं बनीं एक दिन की बीएसए और अधिकारी

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत एक बेहद दिलचस्प और प्रेरणादायक नजारा देखने को मिला। यहाँ के बांकी ब्लॉक स्थित मुख्यमंत्री अभ्युदय कंपोजिट स्कूल, बड़ेल में छात्राओं के भीतर नेतृत्व क्षमता विकसित करने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल के जरिए छात्राओं को प्रशासनिक कामकाज और निर्णय लेने की प्रक्रिया से रूबरू कराया गया, ताकि वे भविष्य में आत्मविश्वास के साथ बड़ी जिम्मेदारियां संभाल सकें।
इस अनोखे प्रयोग के तहत कक्षा 8 की छात्रा उम्मे हबीबा को एक दिन के लिए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) बनाया गया। वहीं, इसी कक्षा की एक अन्य छात्रा पंखुड़ी ने एक दिन के लिए सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी का पद संभाला। दोनों छात्राओं ने न केवल इन पदों की गरिमा को समझा, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए।
छात्राओं ने दिए शिक्षा व्यवस्था सुधार के सुझाव
एक दिन की बीएसए बनी उम्मे हबीबा ने प्रशासनिक कुर्सी संभालते ही शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी ढांचे पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की संख्या के अनुपात में कक्षाओं की पर्याप्त व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि पढ़ाई का माहौल बेहतर हो सके। साथ ही, उन्होंने नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के लिए पर्याप्त शिक्षकों की तैनाती और अनुशासन बनाए रखने के लिए शिक्षकों द्वारा ड्रेस कोड का सख्ती से पालन करने की बात कही।
दूसरी ओर, सहायक वित्त एवं लेखा अधिकारी की भूमिका निभाने वाली पंखुड़ी ने वित्तीय प्रबंधन की बारीकियों पर चर्चा की। उन्होंने सुझाव दिया कि स्कूलों के लिए आवंटित फंड का वितरण समय पर होना चाहिए ताकि जरूरी कामों में कोई रुकावट न आए। पंखुड़ी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सभी वित्तीय संसाधनों का उपयोग पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ किया जाए, जिससे स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार हो सके।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लड़कियों में आत्मविश्वास भरना और उन्हें सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति जागरूक करना था। इस पहल के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई कि यदि अवसर मिले, तो बेटियां किसी भी पेशेवर चुनौती का सामना कर सकती हैं और शासन-प्रशासन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।