बाराबंकी पुलिस की इंसानियत: 20 दिनों से लापता बिहार की महिला को परिवार से मिलाया
बाराबंकी पुलिस ने 20 दिनों से लापता मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला को खोजकर उसके परिवार को सौंपा। जानें कैसे पुलिस ने उसे ट्रेस किया।

उत्तर प्रदेश की बाराबंकी पुलिस ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया है। पुलिस ने मानसिक रूप से अस्वस्थ एक युवती को, जो पिछले 20 दिनों से अपने परिवार से बिछड़ी हुई थी, सुरक्षित खोजकर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। यह युवती बिहार के कटिहार जिले की रहने वाली है और काफी समय से भटक रही थी।
मामले की शुरुआत तब हुई जब कोतवाली नगर थाना क्षेत्र के बडेल चौक पर एक युवती को अकेले भटकते हुए देखा गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत 112 इमरजेंसी सेवा पर इसकी सूचना दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और युवती को सुरक्षित थाने ले आई। युवती की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी, जिसके कारण वह अपनी पूरी जानकारी देने में असमर्थ थी।
भरोसा जीतकर पुलिस ने खोजा घर का पता
पुलिस अधिकारियों ने युवती के साथ बेहद धैर्य और मानवीय व्यवहार किया। उसे भोजन कराया गया और धीरे-धीरे उसका भरोसा जीता गया। जब पुलिस ने उससे पूछताछ की, तो वह केवल 'अमीनाबाद' और 'कटिहार' जैसे शब्दों का जिक्र कर पाई। पुलिस ने इन छोटे से सुराग को आधार बनाया और मोबाइल नेटवर्क व स्थानीय संपर्कों के जरिए उसकी तलाश शुरू की।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस बिहार के कटिहार जिले के बरारी थाना क्षेत्र के अमीनाबाद निवासी महेंद्र कुमार के परिवार तक पहुंची। युवती की पहचान 'मधु' के रूप में हुई। पहचान की पुष्टि के लिए पुलिस ने व्हाट्सएप वीडियो कॉल का सहारा लिया, जिसे देखते ही परिजनों ने अपनी बेटी को पहचान लिया।
मधु की मां रीता देवी और भाई राम अवतार तुरंत बाराबंकी पहुंचे और अपनी बेटी को पुलिस से वापस लिया। परिवार ने कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर कुमार सिंह और पूरी टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस की तत्परता की वजह से उनकी बेटी सुरक्षित घर लौट सकी।