मिशन शक्ति 6: बाराबंकी पुलिस ने वन स्टॉप सेंटर में बांटी सहायता सामग्री

उत्तर प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण के लिए चलाए जा रहे मिशन शक्ति 6 के तहत बाराबंकी पुलिस ने एक सराहनीय पहल की है। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर पुलिस अधीक्षक ने स्थानीय वन स्टॉप सेंटर और नारी संप्रेक्षण गृह का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने वहां रह रही महिलाओं से मुलाकात की और उनकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सामग्री का वितरण किया। यह पूरी कवायद महिलाओं को संस्थागत सहायता प्रदान करने और उन्हें सुरक्षित महसूस कराने के उद्देश्य से की गई है।
सुरक्षा और न्याय की ओर बढ़ते कदम
मिशन शक्ति का छठा चरण केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य फोकस कानूनी कार्रवाई और मनोवैज्ञानिक मदद पर भी है। लखनऊ जोन के एडीजी और अयोध्या रेंज के आईजी की निगरानी में यह अभियान चलाया जा रहा है। इस मिशन के सकारात्मक परिणाम भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में 13 अक्टूबर को बाराबंकी पुलिस ने काउंसलिंग के जरिए चार जोड़ों के बीच सुलह कराकर उनके जीवन में खुशियां वापस लौटाईं।
वहीं, न्याय प्रणाली की सख्ती भी साफ नजर आ रही है। 14 अक्टूबर को लखनऊ पुलिस जोन की अदालतों ने महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध के 12 मामलों में अहम फैसले सुनाए। इनमें से तीन दोषियों को उम्रकैद और सात को 20 साल की जेल की सजा सुनाई गई है, जो अपराधियों के लिए एक कड़ा संदेश है।
पुलिस विभाग की समीक्षा के अनुसार, बाराबंकी में दुष्कर्म के मामलों में 76.92% की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है, जो सुरक्षा व्यवस्था में सुधार को दर्शाता है। इसके साथ ही, पुलिस आम जनता को सरकारी कल्याणकारी योजनाओं और आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों जैसे 1090, 112, 1098, 181 और 1930 के प्रति जागरूक कर रही है ताकि मुसीबत के समय महिलाएं तुरंत मदद मांग सकें।