बाराबंकी: त्योहारों पर सुरक्षा सख्त, पुलिस ने जारी किए कड़े निर्देश

आने वाले त्योहारी सीजन को देखते हुए बाराबंकी पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिले में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर फतेहपुर सर्किल ऑफिसर ने पुलिसकर्मियों के साथ एक अहम बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दुर्गा पूजा, कलश यात्रा, मूर्ति विसर्जन, रामलीला और दशहरा जैसे बड़े आयोजनों के लिए पुख्ता सुरक्षा रणनीति तैयार करना है। बाराबंकी पुलिस सुरक्षा निर्देश के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी उत्सव बिना किसी बाधा और विवाद के संपन्न हों।
सुरक्षा के लिए ड्रोन और CCTV का सहारा
प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। विसर्जन घाटों और संवेदनशील इलाकों में ड्रोन कैमरों और CCTV के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी। इसके साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं।
शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने कुछ कड़े कदम उठाए हैं, जो इस प्रकार हैं:
- धारा 163 लागू: BNSS-2023 की धारा 163 के तहत 11 सितंबर 2026 से 9 नवंबर 2026 तक निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है, ताकि त्योहारों और प्रतियोगी परीक्षाओं के दौरान माहौल शांत रहे।
- अनिवार्य अनुमति: किसी भी सामूहिक आयोजन के लिए आयोजकों को जिला मजिस्ट्रेट (DM) से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा।
- पंडालों के नियम: सड़क पर यातायात बाधित करने वाले स्थानों या हाई-टेंशन बिजली के तारों के नीचे पंडाल लगाने की सख्त मनाही है।
- ध्वनि प्रदूषण और वाहन: आयोजकों को शोर के मानकों का पालन करने और विसर्जन जुलूस के लिए छोटे वाहनों का उपयोग करने की सलाह दी गई है ताकि भीड़ प्रबंधन आसान हो सके।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी तरह की तैयारियां चल रही हैं। पड़ोसी जिले फतेहपुर में भी पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मंगलिक ने फायर और रेडियो विभागों के साथ समन्वय कर सतर्कता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। बाराबंकी पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।