बाराबंकी: मेडिकल बिल ऑनलाइन जमा करने की अनिवार्यता पर भड़के पेंशनभोगी, सड़क पर उतरे

बाराबंकी में पेंशनभोगियों ने मेडिकल बिल ऑनलाइन जमा करने की अनिवार्यता के खिलाफ रैली निकाली और मुख्यमंत्री से ऑफलाइन विकल्प की मांग की।

Shubham Singh2 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बाराबंकी: मेडिकल बिल ऑनलाइन जमा करने की अनिवार्यता पर भड़के पेंशनभोगी, सड़क पर उतरे

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में बुजुर्ग पेंशनभोगियों का धैर्य जवाब दे गया है। मेडिकल रिइम्बर्समेंट (चिकित्सा प्रतिपूर्ति) के बिलों को अनिवार्य रूप से ऑनलाइन जमा करने के नियम से परेशान होकर बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों ने सड़क पर उतरकर अपना विरोध जताया। रिटायर्ड एम्प्लॉइज एंड पेंशनर्स एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित इस प्रदर्शन में बुजुर्गों ने सरकार की डिजिटल नीति को अपनी उम्र और परिस्थितियों के विपरीत बताया है।

प्रदर्शनकारियों ने शहर के लखपेड़ाबाग चौराहे से एक विशाल रैली निकाली, जो शहर की मुख्य सड़कों से होते हुए गुजरी। इस दौरान पेंशनभोगियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की और जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक ज्ञापन सौंपा। उनका स्पष्ट कहना है कि सरकार को इस नीति में तुरंत बदलाव करना चाहिए ताकि बुजुर्गों को इलाज के खर्च की वापसी पाने के लिए मानसिक और तकनीकी प्रताड़ना न झेलनी पड़े।

डिजिटल डिवाइड और भेदभाव का आरोप

रैली से पहले आयोजित बैठक में एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष बाबूलाल वर्मा ने सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कई बुजुर्ग पेंशनभोगी ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और उन्हें एंड्रॉइड स्मार्टफोन चलाना नहीं आता। ऐसे में उनके पास तकनीकी सहायता का कोई साधन नहीं है, जिससे उनके लिए ऑनलाइन बिल जमा करना एक बड़ी चुनौती बन गया है।

बाबूलाल वर्मा ने भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सांसदों और विधायकों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से बिल जमा करने की 'हाइब्रिड' सुविधा मिल सकती है, तो आम पेंशनभोगियों को इससे वंचित क्यों रखा जा रहा है? उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार को पेंशनभोगियों को अपने संबंधित कार्यालयों में भौतिक (फिजिकल) बिल जमा करने की अनुमति देनी चाहिए, जिसे वहां का स्टाफ डिजिटल रूप से अपलोड कर सके।

एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि इस समस्या का जल्द समाधान नहीं निकला, तो जिला स्तर के पेंशनभोगी प्रांतीय संगठन द्वारा घोषित किसी भी बड़े आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल होंगे। इस विरोध प्रदर्शन में वरिष्ठ उपाध्यक्ष ओम प्रकाश वर्मा, जिला सचिव अशोक सोनी, ऑडिटर सुरेश चंद्र, मुन्नी सिंह, सर्वजीत यादव, सुरेंद्र कुमार वर्मा, राजेश कुमार गुप्ता और सुशीला वाजपेयी सहित बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त कर्मचारी मौजूद रहे।

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