बाराबंकी: भारी बारिश और तूफान ने तबाह की धान की फसल, संकट में किसान

बाराबंकी में भारी बारिश और तूफान ने धान की फसल को तबाह कर दिया है। किसान अब मुआवजे और MSP बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।

Shubham Singh25 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बाराबंकी: भारी बारिश और तूफान ने तबाह की धान की फसल, संकट में किसान

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में कुदरत की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। हाल ही में हुई भारी बारिश और भीषण तूफान के कारण जिले के कई इलाकों में बाराबंकी धान फसल नुकसान की खबरें सामने आई हैं। खेतों में पानी भरने से फसलें पूरी तरह डूब गईं और अब जब पानी सूखा है, तो किसानों के हाथ सिर्फ बर्बादी लगी है।

रामनगर, सिरौली गौसपुर, फतेहपुर, हैदरगढ़ और दरियाबाद जैसे इलाकों में स्थिति काफी चिंताजनक है। खेतों में खड़ी फसलें तूफान के कारण गिर गईं, जिससे दानों में बीमारियां लग गईं। किसानों का कहना है कि फसल की पैदावार बहुत कम हुई है और दानों की जगह भूसा ज्यादा निकल रहा है। देव कुमार, आशीष शुक्ला, त्रिवेणी, कल्लू रावत और संजय जैसे कई किसानों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि उनकी कड़ी मेहनत पर पानी फिर गया है।

लागत निकालना भी हुआ मुश्किल, मुआवजे की मांग

किसानों के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक संकट की है। खेती में लगी भारी लागत और मजदूरों की मजदूरी निकालना भी अब मुश्किल नजर आ रहा है। फसल बर्बाद होने से न केवल घर के खर्चों पर असर पड़ा है, बल्कि अगली फसल की तैयारी करना भी उनके लिए एक बड़ा सिरदर्द बन गया है।

इस संकट की घड़ी में किसानों ने प्रशासन से गुहार लगाई है। उनकी मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:

  • प्रशासन द्वारा फसलों के नुकसान का निष्पक्ष सर्वे कराया जाए।
  • नुकसान के वास्तविक आकलन के आधार पर उचित मुआवजा दिया जाए।
  • किसानों को राहत देने के लिए धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में बढ़ोतरी की जाए।

फिलहाल, किसान थ्रेशर और अन्य साधनों की मदद से बची-कुची फसल को बचाने की कोशिश में जुटे हैं, लेकिन उनके चेहरों पर छाई मायूसी बता रही है कि इस बार की फसल उनके लिए सिर्फ नुकसान लेकर आई है।

Share:

Comments

Leave a comment