बाराबंकी: NHM संविदा कर्मचारियों का हल्लाबोल, 12 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल का ऐलान

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संविदा कर्मचारियों का गुस्सा अब सातवें आसमान पर है। नेशनल हेल्थ मिशन (NHM) के तहत कार्यरत कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। रामसनेहाईघाट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मंगलवार को कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे काम पूरी तरह बंद कर देंगे।
यह विरोध प्रदर्शन केवल बाराबंकी तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में NHM संविदा कर्मचारियों द्वारा एक सुनियोजित आंदोलन चलाया जा रहा है। 5 अक्टूबर से शुरू हुए इस चरणबद्ध विरोध के तहत कर्मचारी अपने कार्यस्थलों पर काली पट्टी बांधकर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। रामसनेहाईघाट में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान भारतीय मजदूर संघ के जिला अध्यक्ष के.के. मिश्रा और एनएचएम संविदा कर्मचारी यूनियन के जिला अध्यक्ष रामप्रताप सिंह ने कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाया और उन्हें एकजुट होकर लड़ने की अपील की।
कामबंदी और लखनऊ में बड़े प्रदर्शन की तैयारी
यूनियन के जिला महासचिव डॉ. रईस खान ने आंदोलन की आगे की रणनीति साझा करते हुए बताया कि यह विरोध अब और उग्र होगा। उन्होंने घोषणा की कि 8 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक जिला मुख्यालयों और स्वास्थ्य केंद्रों पर कार्य बहिष्कार किया जाएगा, हालांकि आपातकालीन सेवाओं को इससे बाहर रखा गया है ताकि मरीजों को परेशानी न हो। इसके साथ ही 8 अक्टूबर को जिला मुख्यालय पर एक बड़ा धरना प्रदर्शन भी आयोजित किया जाएगा।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें उनके नियमितीकरण, वेतन ढांचे में संशोधन और अन्य बेहतर सुविधाओं से जुड़ी हैं। यूनियन नेतृत्व ने स्पष्ट किया है कि वे लंबे समय से ज्ञापन सौंपकर अपनी बात रख रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। यदि 12 अक्टूबर तक उनकी मांगों पर कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशभर के कर्मचारी लखनऊ कूच करेंगे और वहां अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर देंगे।