बाराबंकी: कोर्ट गेट नंबर 1 पर गाड़ियों की एंट्री बंद, भड़के वकीलों ने किया जोरदार प्रदर्शन

बाराबंकी: कोर्ट गेट नंबर 1 पर गाड़ियों की एंट्री बंद, भड़के वकीलों ने किया जोरदार प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में जिला न्यायालय के गेट नंबर 1 पर वाहनों के प्रवेश पर लगी रोक को लेकर वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा है। इस फैसले के विरोध में मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के आह्वान पर बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने सामूहिक अवकाश लिया और कोर्ट परिसर के बाहर जमकर विरोध प्रदर्शन किया।

मामले की शुरुआत तब हुई जब जिला जज प्रतिमा श्रीवास्तव के आदेश के बाद 4 अक्टूबर से गेट नंबर 1 के जरिए वकीलों की गाड़ियों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई। मंगलवार सुबह करीब 10:30 बजे सैकड़ों वकील इस गेट के सामने जमा हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस प्रदर्शन में जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी, महासचिव प्रदीप श्रीवास्तव, मंत्री प्रकाशन अमित सिंह सूर्यवंशी और लाइब्रेरी अध्यक्ष रूबी सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ता शामिल रहे।

बुजुर्ग और दिव्यांग वकीलों को हो रही भारी परेशानी

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं का कहना है कि गेट नंबर 1 बंद होने से उन्हें भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बुजुर्ग और शारीरिक रूप से अक्षम वकीलों के लिए कोर्ट परिसर तक पहुंचना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रमन लाल द्विवेदी ने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब अन्य आवश्यक सेवाओं के वाहनों को अनुमति दी जा रही है, तो वकीलों की गाड़ियों पर पूरी तरह प्रतिबंध क्यों लगाया गया? उन्होंने मांग की है कि कोर्ट प्रशासन इस आदेश पर पुनर्विचार करे।

वर्तमान नियमों के मुताबिक, इस गेट से केवल जजों के वाहनों, कैदियों को लाने वाले वाहनों और पानी की सप्लाई करने वाली गाड़ियों को ही आने-जाने की अनुमति है।

तनाव को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर रही। सुरक्षा के मद्देनजर चार अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई थी और सिटी सर्किल ऑफिसर संगम कुमार खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति पर नजर रख रहे थे।

बार एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो विरोध जारी रहेगा। संगठन ने 6 अक्टूबर को फिर से सामूहिक अवकाश घोषित किया है। साथ ही यह भी साफ किया गया है कि यदि उस दिन कोई भी वकील कोर्ट की कार्यवाही में शामिल पाया गया, तो उस पर 500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा।

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