बाराबंकी: पुश्तैनी जमीन हड़पने के लिए शख्स को कागजों में किया 'मृत', अब कोर्ट के आदेश पर FIR
बाराबanki में पुश्तैनी जमीन कब्जाने के लिए एक शख्स को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। अब कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने केस दर्ज किया है।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहां पुश्तैनी जमीन पर कब्जा करने के लिए एक जिंदा व्यक्ति को सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया। पीड़ित शख्स जब अपनी ही मौत की खबर और फर्जी कागजात देखकर दंग रह गया, तो उसने न्याय के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी। अब कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने इस साजिश में शामिल आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
पूरा मामला बाराबंकी के ग्राम पारा का है। यहां के निवासी छक्कन, जो स्वर्गीय भगेलु प्रसाद के पुत्र हैं, के पास करीब 5.590 हेक्टेयर पुश्तैनी जमीन और एक मकान है। आरोप है कि रमेश वर्मा और जवाहर लाल नाम के दो व्यक्तियों ने इस बेशकीमती जमीन को हड़पने की साजिश रची। साजिश के तहत आरोपियों ने कथित तौर पर 8 दिसंबर 2021 को छक्कन को मृत घोषित कर दिया और 27 दिसंबर 2021 को एक फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। हद तो तब हो गई जब इस फर्जी सर्टिफिकेट के आधार पर परिवार रजिस्टर में भी उनकी मृत्यु दर्ज कर दी गई।
बैंक खाते और फर्जी हलफनामों का खेल
पीड़ित का आरोप है कि जमीन कब्जाने की इस साजिश के बाद आरोपी उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल कर ग्रामीण बैंक, जरवल रोड में एक बचत खाता खोलने की कोशिश भी कर रहे थे। इसके लिए कई फर्जी नोटरी हलफनामे भी तैयार किए गए। हालांकि, ग्राम पंचायत अधिकारी ऋषभ पांडे ने बताया कि संबंधित मृत्यु प्रमाण पत्र को खारिज कर दिया गया था।
इस मामले में हिंसा का मोड़ तब आया जब 1 सितंबर 2026 को छक्कन रामनगर ब्लॉक ऑफिस से लौट रहे थे। आरोप है कि लखनऊ रोड पर आरोपियों ने उन्हें रोका, उनके साथ गाली-गलौज की और मारपीट करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
छक्कन ने बताया कि उन्होंने स्थानीय पुलिस, पुलिस अधीक्षक और यहां तक कि मुख्यमंत्री से भी गुहार लगाई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अंत में उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद रामनगर पुलिस ने 1 नवंबर 2026 को केस दर्ज किया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं (115(2), 352, 351(3), और 318(4)) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सब-इंस्पेक्टर सुभाष चंद्र यादव इस पूरे प्रकरण की जांच कर रहे हैं।