बाराबंकी: कल्याणी नदी के घाटों पर डीएम-एसपी का निरीक्षण, मूर्ति विसर्जन की तैयारियां पूरी

नवरात्रि के समापन के बाद मां दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। इसी सिलसिले में बाराबंकी के जिला मजिस्ट्रेट ईशान प्रताप सिंह और पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी ने मसौली इलाके में स्थित कल्याणी नदी के घाटों का औचक निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मौके पर जाकर यह सुनिश्चित किया कि विसर्जन के दौरान श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो और सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे।
निरीक्षण के दौरान डीएम और एसपी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि घाटों पर साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए और रोशनी के पर्याप्त इंतजाम हों। साथ ही, भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन केवल कल्याणी ही नहीं, बल्कि सरयू, गोमती, रेथ और सुमली नदियों के घाटों पर भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रहा है।
सुरक्षा के लिए तैनात किए गए गोताखोर और नाव
किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रशासन ने पुख्ता रणनीति बनाई है। विसर्जन स्थलों पर बैरिकेडिंग, पीने के पानी और स्वच्छता की व्यवस्था पूरी कर ली गई है। सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए कुशल मल्लाहों, गोताखोरों और फ्लड पीएसी (Flood PAC) के जवानों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया है। मसौली पुलिस स्टेशन क्षेत्र में पुलिस की निगरानी में नावों के जरिए मूर्तियों का सुरक्षित विसर्जन कराया जाएगा।
पूरे जिले में करीब 1,500 दुर्गा पूजा पंडालों की कड़ी निगरानी की जा रही है। इससे पहले एडीएम निरंकार सिंह और एएसपी रितेश कुमार सिंह ने भी रामनगर और रामसनेहीघाट जैसे क्षेत्रों का जायजा लिया था। एसपी रवीना त्यागी ने सीओ सौरभ श्रीवास्तव के साथ रामसनेहीघाट का दौरा कर महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती का भी निरीक्षण किया।
आंकड़ों की बात करें तो विसर्जन की जिम्मेदारी काफी बड़ी है। रामसनेहीघाट में 105, असंदरा में 32, टिक्कैतनगर में 53 और दरियाबाद में 68 मूर्तियों के विसर्जन की संभावना है। पिछले साल मसौली घाट पर लगभग 100 मूर्तियों का विसर्जन हुआ था, जिसे देखते हुए इस बार भी तैयारी व्यापक स्तर पर की गई है।