बाराबंकी: स्वास्थ्य केंद्रों पर सीएमओ का आधी रात को छापा, लापरवाही पर स्टाफ को फटकार
बाराबंकी में सीएमओ ने रात के समय सीएचसी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया, मरीजों से फीडबैक लिया और लापरवाह स्टाफ को फटकार लगाई।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एक बड़ा अभियान चलाया है। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) पर बाराबंकी स्वास्थ्य केंद्र निरीक्षण के तहत आधी रात को औचक छापेमारी की गई, ताकि यह देखा जा सके कि रात के समय मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं और डॉक्टरों की मौजूदगी की क्या स्थिति है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) ने इस अभियान के लिए पांच विशेष टीमों का गठन किया था, जिन्होंने एक साथ पूरे जिले के अलग-अलग केंद्रों पर दस्तक दी। इसी क्रम में अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी राजीव टंडन ने जैदपुर सीएचसी का निरीक्षण किया। जांच के दौरान वहां की इमरजेंसी टीम, मेडिकल ऑफिसर और स्टाफ नर्स अपनी ड्यूटी पर तैनात मिले। अधिकारियों ने अस्पताल में भर्ती मरीजों से सीधे बातचीत की, जिसमें मरीजों ने इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति संतोष जताया।
सेवाएं मिलीं दुरुस्त, लेकिन साफ-सफाई पर उठे सवाल
निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि अस्पताल में प्रसव के बाद महिलाओं के टीकाकरण का काम सुचारू रूप से चल रहा था और नवजात शिशुओं का स्वास्थ्य भी ठीक था। साथ ही, सरकार द्वारा मरीजों को दिए जाने वाले मुफ्त भोजन की व्यवस्था भी चालू पाई गई। हालांकि, सब कुछ ठीक होने के बावजूद कुछ कमियां भी सामने आईं।
अधिकारियों ने पाया कि अस्पताल परिसर में साफ-सफाई की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। इसके अलावा, एक स्टाफ नर्स निर्धारित वर्दी में नहीं मिली, जिसे अनुशासनहीनता माना गया। इस लापरवाही पर सीएमओ टंडन ने मौके पर ही संबंधित कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस तरह के समन्वित निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निर्धारित मानकों का पालन हो और कर्मचारी अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहें, ताकि रात के समय भी मरीजों को बेहतर इलाज मिल सके।