बाराबंकी: खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा नदी, नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा खतरा

बाराबंकी: खतरे के निशान से ऊपर पहुंची घाघरा नदी, नेपाल से पानी छोड़े जाने के बाद बढ़ा खतरा

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में भारी बारिश और नेपाल से छोड़े गए पानी के कारण बाराबंकी घाघरा नदी जलस्तर में अचानक भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। नदी का जलस्तर अब खतरे के निशान को पार कर गया है, जिससे तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर का माहौल है। रविवार को रामनगर तहसील में संजय सेतु के पास स्थित केंद्रीय जल आयोग के कार्यालय में पानी का स्तर 106.170 मीटर मापा गया, जो खतरे के निशान से करीब 10 सेंटीमीटर ऊपर है।

इस अचानक आई बाढ़ जैसी स्थिति की मुख्य वजह नेपाल के गिरजा-शारदा बैराज से लगभग 3 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा जाना बताया जा रहा है। इसके साथ ही पिछले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने आग में घी का काम किया, जिससे नदी उफान पर आ गई और किनारों को तोड़कर बहने लगी। गौरतलब है कि इससे पहले नदी का जलस्तर धीरे-धीरे कम हो रहा था, जिससे कटाव प्रभावित इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन अब स्थिति फिर से गंभीर हो गई है।

तटीय गांवों में अलर्ट, प्रशासन ने जारी की चेतावनी

नदी के बढ़ते जलस्तर ने रामनगर तहसील के निचले इलाकों और तटीय गांवों में रहने वाले ग्रामीणों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीणों को डर है कि अगर नेपाल से और पानी छोड़ा गया या बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो उनके घरों और खेतों में पानी घुस सकता है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

  • प्रशासन ने ग्रामीणों को नदी के किनारों से दूर रहने की सलाह दी है।
  • जल स्तर की लगातार निगरानी की जा रही है।
  • किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अलर्ट जारी किया गया है।

केंद्रीय जल आयोग के कर्मचारी शिवनंद के अनुसार, पानी के स्तर में यह उछाल काफी तेज है। फिलहाल प्रशासन लोगों से अपील कर रहा है कि वे सतर्क रहें और सरकारी निर्देशों का पालन करें ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

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