बाराबंकी: MSP की कानूनी गारंटी और वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर किसानों ने खोला मोर्चा

बाराबंकी में भारतीय किसान मजदूर यूनियन ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर MSP की कानूनी गारंटी और वोटर लिस्ट संशोधन में पारदर्शिता की मांग की।

Shubham Singh23 October 20261 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
बाराबंकी: MSP की कानूनी गारंटी और वोटर लिस्ट संशोधन को लेकर किसानों ने खोला मोर्चा

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में किसानों का गुस्सा फूट पड़ा है। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान मजदूर यूनियन के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के जरिए किसानों ने न केवल खेती-किसानी से जुड़ी समस्याओं को उठाया, बल्कि वोटर लिस्ट के विशेष गहन संशोधन (SIR) की प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

जिला अध्यक्ष निहाल अहमद सिद्दीकी के नेतृत्व में जुटे प्रदर्शनकारियों ने भारत के राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन जिलाधिकारी के अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। किसानों का कहना है कि वोटर लिस्ट के संशोधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता की भारी कमी है। उन्होंने मांग की है कि इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम लिस्ट से गायब न हो और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा हो सके।

किसानों की 7 सूत्रीय मांगें और सरकार से अपील

ज्ञापन में कुल सात मुख्य मांगों को रखा गया है, जिनमें कृषि और मजदूर वर्ग के हितों को प्राथमिकता दी गई है। किसानों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:

  • सभी कृषि उत्पादों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी दी जाए।
  • किसानों के कर्ज माफ किए जाएं और उनके लिए एक पेंशन प्रणाली लागू की जाए।
  • बिजली के निजीकरण की प्रक्रिया को तुरंत रोका जाए।
  • सीड बिल 2025 (Seed Bill 2025) को वापस लिया जाए।
  • चारों श्रम संहिताओं (Labor Codes) को निरस्त किया जाए।
  • मनरेगा (MGNREGA) योजना को पूरी तरह बहाल किया जाए।

किसान नेताओं ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि वे अपने अधिकारों की लड़ाई तब तक लड़ते रहेंगे जब तक सरकार इन सात बिंदुओं पर ठोस कदम नहीं उठाती। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसानों और मजदूरों के हक की रक्षा करना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

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