बाराबंकी: रामसनेही घाट पर मूर्ति विसर्जन की तैयारी पूरी, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

शारदीय नवरात्रि के समापन के बाद अब मां दुर्गा की मूर्तियों के विसर्जन की घड़ी आ गई है। इसे देखते हुए बाराबंकी प्रशासन ने रामसनेही घाट सहित अन्य विसर्जन स्थलों पर अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि विसर्जन की प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो और भीड़ के कारण कोई अप्रिय घटना न घटे।
क्षेत्र में कुल 19 विसर्जन स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें अलग-अलग आकार के घाट शामिल हैं। इनमें से पांच प्रमुख घाटों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं क्योंकि यहां भारी भीड़ जुटने की संभावना है। एसडीएम बृजेंद्र उपाध्याय ने बताया कि रामसनेही घाट पर न केवल स्थानीय तहसील, बल्कि रानीमऊ, मवाई और पतरंगा जैसे पड़ोसी इलाकों से भी मूर्तियां विसर्जन के लिए लाई जाती हैं। इसके अलावा बुधवा बाबा और कल्याणी नदी घाट पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और गोताखोर तैनात
प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई कसर नहीं छोड़ी है। हतौड़ा के सहदतगंज घाट, दिसकी तालाब और सिलोहार जैसे अन्य स्थलों पर भी पुलिस बल तैनात किया गया है। सभी प्रमुख घाटों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। मौके पर राजस्व विभाग, पुलिस और विकास विभाग की टीमें लगातार निगरानी रखेंगी।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए घाटों पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम (लाउडस्पीकर) लगाए गए हैं ताकि उन्हें जरूरी निर्देश दिए जा सकें। साथ ही, गहरे पानी वाले क्षेत्रों में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए गोताखोरों की तैनाती की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालु केवल निर्धारित बैरिकेडिंग वाले क्षेत्रों में ही रहें और गहरे पानी में जाने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।