बाराबंकी: दलित महिला का गंभीर आरोप, हाथ से मैला ढोने के लिए किया मजबूर और की मारपीट
बाराबंकी के देवा गांव में एक दलित महिला ने जातिसूचक गालियां, मारपीट और हाथ से मैला ढोने के लिए मजबूर करने का गंभीर आरोप लगाया है।

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से इंसानियत को शर्मसार करने वाला एक मामला सामने आया है। देवा पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाले पीड़ गांव में एक दलित महिला ने एक व्यक्ति पर जातिसूचक गालियां देने, शारीरिक हिंसा करने और एक रिश्तेदार को हाथ से मैला ढोने के लिए मजबूर करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। पीड़िता सोनापति का कहना है कि समाज के रसूखदार लोग आज भी इस तरह की अमानवीय प्रथाओं को बढ़ावा दे रहे हैं।
घटना की शुरुआत 29 सितंबर को हुई, जब आरोपी राम प्रकाश यादव (उर्फ मोचाई यादव) ने सोनापति के रिश्तेदार श्याम लाल के साथ बदसलूकी की। आरोप है कि आरोपी ने न केवल श्याम लाल को गंदी गालियां दीं और उनके साथ मारपीट की, बल्कि उन्हें जबरन शौचालय की सफाई करने और अपने हाथों से मानव मल हटाने पर मजबूर किया।
पुलिस की अनदेखी से परेशान महिला पहुंची मुख्यमंत्री पोर्टल
पीड़िता सोनापति के मुताबिक, जब उन्होंने अगले दिन इस अमानवीय कृत्य के खिलाफ आरोपी का विरोध किया, तो आरोपी ने उन पर भी हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने गला दबाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। महिला का दावा है कि वह न्याय के लिए स्थानीय देवा पुलिस के पास गई, लेकिन पुलिस ने उसकी शिकायतों को अनसुना कर दिया और कोई औपचारिक मामला दर्ज नहीं किया।
पुलिस के इस रवैये से निराश होकर सोनापति ने अब मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल के माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता की मांग है कि आरोपी के खिलाफ एससी/एसटी एक्ट और अन्य गंभीर आपराधिक धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और आरोपों की जांच जारी है।