जनगणना 2027: बाराबंकी डीएम ने की अपील, अब खुद पोर्टल पर भरें अपनी जानकारी
बाराबंकी डीएम ईशान प्रताप सिंह ने जनगणना 2027 की स्व-गणना प्रक्रिया में भाग लेने की अपील की है। जानें कैसे करें ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन।

बाराबंकी के जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने जिले के निवासियों से जनगणना 2027 के दूसरे चरण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। प्रशासन चाहता है कि लोग इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय परियोजना को सफल बनाने के लिए सक्रिय रूप से सहयोग करें। इस बार की प्रक्रिया को आधुनिक बनाया गया है, जिसमें नागरिकों को 'स्व-गणना' (Self-Enumeration) की सुविधा दी गई है।
इस डिजिटल प्रक्रिया के तहत, लोग 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 के बीच आधिकारिक वेब पोर्टल se.census.gov.in या समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से अपनी और अपने परिवार की जानकारी खुद जमा कर सकते हैं। यह कदम डेटा संग्रह को अधिक सटीक और आसान बनाने के लिए उठाया गया है।
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन की पूरी प्रक्रिया
स्व-गणना के बाद, प्रशासन द्वारा जमीनी स्तर पर सत्यापन का काम शुरू किया जाएगा। 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक गणनाकर्मी घर-घर जाकर डेटा का सत्यापन करेंगे और उन परिवारों की जानकारी जुटाएंगे जिन्होंने ऑनलाइन पोर्टल का उपयोग नहीं किया। इसके बाद, 5 जनवरी से 9 जनवरी 2027 तक एक रिविजनल राउंड होगा, ताकि जन्म, मृत्यु या छूटे हुए सदस्यों के विवरण को अपडेट किया जा सके।
इस डिजिटल फॉर्म में कुल 40 विस्तृत सवाल होंगे, जिनमें व्यक्तिगत, पेशेवर और वित्तीय स्थिति से जुड़ी जानकारियां मांगी जाएंगी। खास बात यह है कि 1931 के बाद पहली बार जाति से संबंधित डेटा भी एकत्र किया जाएगा। जो लोग स्व-गणना पोर्टल पर अपनी जानकारी सफलतापूर्वक जमा करेंगे, उन्हें 11 अंकों की एक यूनिक SE-ID मिलेगी, जिसे घर-घर आने वाले गणनाकर्मियों को दिखाना होगा।
प्रशासन ने जनता की शंकाओं को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि साझा की गई सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। यह डेटा किसी भी कानून प्रवर्तन एजेंसी या टैक्स विभाग के साथ साझा नहीं किया जाएगा।
बाराबंकी में इस पूरी डिजिटल कवायद की तैयारी और कर्मचारियों के प्रशिक्षण की जिम्मेदारी मुख्य विकास अधिकारी पंकज वर्मा और अपर जिलाधिकारी निरंकार सिंह संभाल रहे हैं। जनगणना निदेशालय के अनुसार, इस राज्यव्यापी पहल में 5.62 लाख से अधिक कर्मचारी जुटे हैं, क्योंकि यह डेटा भविष्य की सामाजिक-आर्थिक नीतियों और विकास योजनाओं का आधार बनेगा।