बाराबंकी: हत्या के प्रयास के दोषी को 10 साल की जेल, कोर्ट ने लगाया जुर्माना

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में कोर्ट ने साल 2015 के एक पुराने मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्या के प्रयास के दोषी एक व्यक्ति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही दोषी पर 60 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। यह पूरी कार्रवाई पुलिस के 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के तहत की गई, जिसका मकसद संगीन अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाना है।
क्या था पूरा मामला?
यह घटना 4 जुलाई 2015 की है, जब कोठी थाना क्षेत्र के रहीमपुर गांव की रहने वाली वीनू ने अपने पति गंगाराम पर हुए जानलेवा हमले की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, आरोपी ने उनके पति को जान से मारने की नीयत से हमला किया था। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने अपराध संख्या 101/2015 के तहत मामला दर्ज किया था। उस समय के जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर संजीव कुमार सिंह ने मामले की गहन जांच कर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
अदालत के Additional District and Sessions Judge (कोर्ट नंबर 10) ने सबूतों और गवाहों के आधार पर आरोपी नंद किशोर उर्फ नंदू तिवारी को दोषी पाया। वह कोठी थाना क्षेत्र के सेमरावन का निवासी है। उसे भारतीय दंड संहिता की धारा 307 और आर्म्स एक्ट की धारा 3/25 के तहत सजा सुनाई गई है।
पुलिस अधीक्षक रवीना त्यागी के निर्देशन में 'ऑपरेशन कन्विक्शन' के जरिए इस मामले को प्राथमिकता दी गई। पुलिस टीम ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और प्रभावी पैरवी के दम पर यह सजा सुनिश्चित की। इस कानूनी जीत में ADGC सुनील कुमार दुबे, मॉनिटरिंग सेल प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार यादव और सब-इंस्पेक्टर अमर बहादुर सिंह सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही।