बाराबंकी: डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती पर सेमिनार, युवाओं को दिया शिक्षा और एकता का संदेश

Shubham Singh16 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पूर्व राष्ट्रपति और भारत रत्न डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम की जयंती को बेहद गरिमापूर्ण तरीके से मनाया गया। रामनगर विधानसभा क्षेत्र के सिरौली गौसपुर तहसील स्थित सैदनपुर के मदरसा अल-जामियातुल अशरफिया रज्जाकिया फख्रुल उलूम में एक विशेष सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डॉ. कलाम के विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्र विकास के प्रति उनके समर्पण को याद करना और आने वाली पीढ़ी को उनसे प्रेरित करना था।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सदर इकबाल अंसारी ने की, जबकि मदरसा मैनेजर असरार अंसारी ने पूरी व्यवस्थाओं की कमान संभाली। इस मौके पर मुख्य अतिथि के रूप में ऑल इंडिया पसमांदा मुस्लिम महाज के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसीम रेन मौजूद रहे। उनके साथ अजय गुरु और एडवोकेट रगधीर सिंह सुमन ने भी शिरकत की, जबकि कार्यक्रम का संचालन मदरसा प्रिंसिपल द्वारा किया गया।

सादगी और मेहनत से ही संभव है देश का विकास

सेमिनार को संबोधित करते हुए अजय गुरु ने एक खूबसूरत उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि जिस तरह अलग-अलग तरह के फूल एक बगीचे की सुंदरता बढ़ाते हैं, ठीक उसी तरह अलग-अलग धर्मों, जातियों और विचारधाराओं का साथ रहना देश को मजबूती देता है। उन्होंने जोर दिया कि डॉ. कलाम का जीवन इस बात का प्रमाण है कि अगर इंसान में प्रतिभा और कड़ी मेहनत का जज्बा हो, तो वह दुनिया भर में पहचान बना सकता है।

वहीं, एडवोकेट रगधीर सिंह सुमन ने डॉ. कलाम को देश का गौरव बताते हुए कहा कि उनका जीवन सादगी, अनुशासन और राष्ट्र सेवा की एक अनूठी मिसाल है। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे बड़े लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें पाने के लिए कड़ी मेहनत करें।

मुख्य अतिथि वसीम रेन ने डॉ. कलाम को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद को हासिल किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत को एक विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के लिए शिक्षा, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार (इन्नोवेशन) बेहद जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का भाईचारे और सकारात्मक सोच का संदेश समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक है।

अंत में, सदर इकबाल अंसारी ने नई पीढ़ी से महान नेताओं के मूल्यों को अपनाने की अपील की। कार्यक्रम का समापन मैनेजर असरार अंसारी के धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ, जिसने शिक्षा और एकता के संदेश को मजबूती से प्रसारित किया।

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