बांदा: किराने की दुकानों की आड़ में बिक रही थी अवैध शराब, आबकारी विभाग की छापेमारी से हड़कंप
उत्तर प्रदेश के बांदा में दिवाली से पहले अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, किराने की दुकानों से शराब बरामद।

उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में दिवाली के त्योहार से पहले प्रशासन ने अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को आबकारी विभाग ने शहर कोतवाली क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव में अचानक छापेमारी की, जिससे इलाके के अवैध शराब कारोबारियों में खलबली मच गई। यह कार्रवाई उन शिकायतों के बाद की गई जिनमें दावा किया गया था कि गांव की कुछ किराने की दुकानों का इस्तेमाल शराब बेचने के ठिकाने के रूप में किया जा रहा है।
विभाग की टीम ने गांव में स्थित तीन अलग-अलग किराने की दुकानों को अपने निशाने पर लिया। तलाशी के दौरान एक दुकान से भारी मात्रा में शराब और बीयर बरामद की गई, जिसे दुकान के सामान के पीछे छिपाकर रखा गया था। हालांकि, अन्य दो दुकानों की जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।
ठेकेदारों की मिलीभगत की आशंका
शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध कारोबार मुख्य रूप से गांव के दलित बस्ती इलाके में फल-फूल रहा था। आरोप है कि इस पूरे खेल में बड़े शराब ठेकेदारों की मिलीभगत हो सकती है, जिनकी मदद से दुकानों तक अवैध स्टॉक पहुंचाया जा रहा था।
आबकारी विभाग अब इस बात की गहराई से जांच कर रहा है कि यह अवैध धंधा कितने समय से चल रहा था और इसमें और कौन-कौन से लोग शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि दिवाली के दौरान अवैध शराब की बिक्री को रोकने के लिए इस तरह के अभियान आगे भी जारी रहेंगे ताकि आम जनता को मिलावटी या अवैध शराब से बचाया जा सके।