बलरामपुर: डीएम के खिलाफ वकीलों का हल्लाबोल, तीन दिनों से जारी है विरोध प्रदर्शन
बलरामपुर में डीएम के खिलाफ वकीलों का विरोध प्रदर्शन जारी है। ऑनलाइन दाखिल-खारिज और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर नाराजगी नाराजगी।

उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) डॉ. विपिन कुमार जैन के खिलाफ अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। यह विरोध प्रदर्शन अब तीसरे दिन भी जारी रहा, जिससे जिले के न्यायिक और प्रशासनिक कामकाज में भारी रुकावट आई है। तीनों तहसीलों के वकील एकजुट होकर डीएम के कामकाज के खिलाफ सड़क पर उतर आए हैं और अपनी मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट का घेराव कर रहे हैं।
मंगलवार को अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर से बहराइच रोड होते हुए कलेक्ट्रेट तक करीब दो किलोमीटर का विरोध मार्च निकाला। इस दौरान वकीलों ने डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। माहौल को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया ताकि स्थिति नियंत्रण में बाहर न जाए।
ऑनलाइन दाखिल-खारिज और प्रशासनिक व्यवहार पर विवाद
इस पूरे विवाद की जड़ ऑनलाइन दाखिल दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) की प्रक्रिया और डीएम के प्रशासनिक व्यवहार को लेकर है। वकीलों का आरोप है कि प्रशासन का रवैया उनके प्रति सम्मानजनक नहीं है। तनाव तब और बढ़ गया जब 15 अक्टूबर को उतराउला में एसडीएम और वकीलों के बीच बातचीत विफल हो गई। वकीलों की मांग है कि कुछ राजस्व अधिकारियों (पटवारियों) का तबादला किया जाए।
इस आंदोलन का असर अब आम जनता पर भी जमीन की रजिस्ट्री और अदालती मामलों पर पड़ रहा है। उतराउला में पहले ही करीब 347 अदालती मामले प्रभावित हुए हैं और 12 दिनों तक जमीन की बिक्री की रजिस्ट्री का काम पूरी तरह ठप रहा। जिला बार एसोसिएशन, कलेक्टिव बार एसोसिएशन और युवा बार एसोसिएशन ने डीएम के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया है। अब वकील लखनऊ जाकर मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और राजस्व बोर्ड के अध्यक्ष से मिलने की योजना बना रहे हैं।
दूसरी ओर, डीएम डॉ. विपिन कुमार जैन का कहना है कि प्रशासन कानूनी समुदाय का सम्मान करता है। उन्होंने पिछली बैठकों में न मिल पाने का कारण बच्चों के कार्यक्रमों और पूर्व सूचना के बिना वकीलों के आगमन को बताया। उन्होंने कहा कि विवादों को समाधान के लिए बेहतर समन्वय की आवश्यकता है।
वहीं, इस आंदोलन के बीच आंतरिक अनुशासन भी देखा गया, जहाँ आशुतोष ओझा और आशीष सिंह नामक दो वकीलों को उनके अनुचित व्यवहार के कारण पांच साल के लिए निलंबित कर दिया गया है।