बलिया में पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 22 लाख का गांजा जब्त, बिहार के दो तस्कर गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के बलिया में पुलिस और एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने नशे के सौदागरों के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने एक संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 45 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 22 लाख रुपये बताई जा रही है। इस मामले में बिहार के दो अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है।
यह पूरी कार्रवाई 15 अक्टूबर को हुई। पुलिस को मुखबिर से गुप्त सूचना मिली थी कि तस्कर बलिया के सिकंदरपुर इलाके से होकर देवरिया के रास्ते बिहार की ओर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाना प्रभारी और गाजीपुर ANTF के प्रभारी सुरेंद्र नाथ सिंह के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और नगरा मोड़ पर सघन वाहन चेकिंग अभियान शुरू किया गया।
झारखंड नंबर की कार से हो रही थी तस्करी
चेकिंग के दौरान जब एक सफेद रंग की मारुति ब्रेज़ा कार (झारखंड रजिस्ट्रेशन नंबर) वहां पहुंची, तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया। ड्राइवर ने घबराहट में गाड़ी भगाने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने उसे घेरकर पकड़ लिया। कार की तलाशी लेने पर उसमें से 45 किलो गांजा बरामद हुआ।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बिहार के बक्सर निवासी विकास कुमार यादव और शुभम सिन्हा (उर्फ अमित सिन्हा या छोटू) के रूप में हुई है। पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है। विकास यादव पर आबकारी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं, जबकि शुभम सिन्हा पर धोखाधड़ी, दस्तावेजों में जालसाजी और आबकारी अधिनियम के उल्लंघन के आरोप हैं।
पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई कार को जब्त कर लिया है और सिकंदरपुर थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। फिलहाल पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस खेप की सप्लाई करने वाला मुख्य नेटवर्क कौन चला रहा था और इसके पीछे और कौन-कौन लोग शामिल हैं।