बाराबंकी: पुलिस ने नहीं मानी 6 सूत्रीय मांगें, अब बड़े आंदोलन की तैयारी में बजरंग दल

उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रामनगर इलाके में बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने अपनी छह सूत्रीय मांगों को पूरा करने के लिए पुलिस को 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया था, लेकिन समय सीमा समाप्त होने के बाद भी जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो अब कार्यकर्ताओं ने बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान कर दिया है।
पूरे मामले की शुरुआत पिछले शनिवार को हुई, जब जिला संगठन सचिव अखिल और जिला सह-संयोजक विनय वर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पंचमुखी हनुमान मंदिर में धरना दिया था। इस दौरान उन्होंने पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसे सर्कल ऑफिसर गरिमा पंत और नायब तहसीलदार के माध्यम से पहुंचाया गया। बजरंग दल की मुख्य मांग रामनगर थाना क्षेत्र के मंदिरों के पास चल रही मांस की दुकानों को तुरंत बंद कराने की है। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत के कारण ये दुकानें अब भी धड़ल्ले से चल रही हैं।
थाना प्रभारी की कार्यशैली पर उठाए सवाल
बजरंग दल के जिला सह-संयोजक विनय वर्मा ने स्पष्ट किया कि प्रशासन को अपनी मांगों पर कार्रवाई करने के लिए पर्याप्त समय दिया गया था, लेकिन नतीजतन कुछ हासिल नहीं हुआ। कार्यकर्ताओं ने रामनगर थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि थाना प्रभारी के व्यवहार और उनके काम करने के तरीके से न केवल स्थानीय जनता, बल्कि पूरा हिंदू समाज आहत है।
संगठन का मानना है कि पुलिस की यह निष्क्रियता या तो प्रशासनिक मनमानी है या फिर सरकार के निर्देशों की सीधी अवहेलना। बजरंग दल ने अब इसे 'सनातन विरोधी' गतिविधियों के तौर पर देखा है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही उचित कदम नहीं उठाए गए, तो वे जिला स्तर पर एक विशाल प्रदर्शन करेंगे।