बाराबंकी में बजरंग दल अवध प्रांत की दो दिवसीय बैठक शुरू, सेवा और सुरक्षा का संकल्प
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में बजरंग दल अवध प्रांत की दो दिवसीय महत्वपूर्ण प्रांतीय बैठक का आगाज शनिवार को हुआ। लखपेड़ा बाग स्थित सरस्वती विद्या मंदिर के परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। बैठक की शुरुआत कबीर मठ मुंजापुर के संत आलोक दास महाराज, लखनऊ क्षेत्रीय संयोजक पूर्णेंदु, विश्व हिंदू परिषद के प्रांतीय सचिव देवेंद्र और प्रांतीय संयोजक महेश द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ की गई।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों का स्वागत पारंपरिक तरीके से किया गया। विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष रामनाथ मौर्य, जिला सचिव राहुल कुमार, बजरंग दल के जिला संयोजक राहुल विक्रम सिंह और सह-संयोजक साह तिवारी ने मेहमानों को स्मृति चिन्ह और पारंपरिक वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।
हिंदू समाज की रक्षा और संस्कारों पर जोर
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए संत आलोक दास ने संगठन की यात्रा और उसके उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बजरंग दल का जन्म संघर्षों के बीच हुआ है और इसका मूल लक्ष्य हिंदू समाज के अधिकारों के लिए निरंतर लड़ना है। उन्होंने संगठन के मूल मंत्र 'सेवा, सुरक्षा और संस्कार' को दोहराते हुए कहा कि जब भी कोई धर्मविरोधी तत्व सनातन संस्कृति, राष्ट्र या धर्म पर बुरी नजर डालेगा, तब बजरंग दल के कार्यकर्ता ढाल बनकर खड़े होंगे।
वहीं, लखनऊ क्षेत्रीय संयोजक पूर्णेंदु ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि सभी सदस्य भारत माता के सच्चे सपूत हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि इस बलिदान की भूमि पर हिंदू बहनों, बेटियों, गौवंश या राष्ट्र के खिलाफ किसी भी चरमपंथी विचारधारा वाले व्यक्ति की साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस बैठक में जिला संगठन सचिव अखिल ब्रह्म प्रकाश, राजेंद्र जायसवाल, बृजेश, राहुल वाल्मीकि, हिमांशु और चंद्र भूषण सहित सैकड़ों की संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने संगठन की मजबूती और आगामी रणनीतियों पर चर्चा की।