बहराइच: हवन-पूजन के दौरान लगी आग से महिला की मौत, पिता ने लगाया हत्या का आरोप
बहराइच के कडेरा गांव में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लगी आग से महिला की मौत। पिता ने पेट्रोल डालकर जलाने का लगाया गंभीर आरोप।

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है, जहां एक धार्मिक अनुष्ठान के दौरान लगी भीषण आग ने एक परिवार की खुशियां उजाड़ दीं। बहराइच के जरवल रोड थाना क्षेत्र के कडेरा, गोंदौरा गांव में आयोजित एक हवन-पूजन के दौरान हुई इस घटना में गंभीर रूप से झुलसी एक महिला की मौत हो गई है। मृतका की पहचान कोमल के रूप में हुई है, जो बाराबंकी के रामनगर इलाके के पुरैना गांव की रहने वाली थी।
घटना के विवरण के अनुसार, कोमल अपने बेटे सिद्धार्थ और देवर के बेटे के साथ एक पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल होने कडेरा गांव गई थी। वहां नीलम सिंह द्वारा हवन-पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया था। इसी दौरान अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया। इस हादसे में कोमल बुरी तरह झुलस गई। उन्हें तुरंत मुस्तफाबाद के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से उनकी नाजुक हालत को देखते हुए बहराइच और फिर लखनऊ के ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, कोमल का करीब 90 प्रतिशत शरीर जल चुका था और उनके फेफड़े व किडनी गंभीर रूप से प्रभावित हुए थे, जिसके कारण उन्होंने दम तोड़ दिया।
पिता का गंभीर आरोप: 'पेट्रोल डालकर जलाया गया'
इस दुखद घटना ने अब एक नया मोड़ ले लिया है। मृतका के पिता राकेश ने सीधा आरोप लगाया है कि उनकी बेटी की हत्या की गई है। राकेश का दावा है कि कोमल ने बार-बार यह कहा था कि उस पर पेट्रोल डालकर आग लगाई गई और हादसे के वक्त किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। हालांकि, परिवार के कुछ सदस्यों का यह भी कहना है कि हवन के दौरान पेट्रोल और माचिस के इस्तेमाल की वजह से यह हादसा हुआ होगा।
इस त्रासदी का दर्द यहीं खत्म नहीं होता। बताया जा रहा है कि 22 अगस्त को इसी तरह की घटना में आयुषी गुप्ता नाम की एक चार साल की बच्ची की भी जान चली गई थी। वहीं, कोमल का बेटा सिद्धार्थ भी इस आग में झुलस गया था, जिसका इलाज फिलहाल लखनऊ में चल रहा है। रविवार शाम जब कोमल का शव उसके पैतृक गांव पुरैना पहुंचा, तो पूरे गांव में मातम छा गया। मृतका के पति विक्रम इस सदमे से पूरी तरह टूट चुके हैं।