बहराइच: पक्षपातपूर्ण जांच के खिलाफ ग्राम विकास अधिकारियों ने विकास भवन पर किया प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में सरकारी कर्मचारियों के बीच तनाव बढ़ गया है। यहां ग्राम पंचायत अधिकारी-ग्राम विकास अधिकारी समन्वय समिति के सदस्यों ने विकास भवन के गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। यह पूरा विवाद एक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) द्वारा की गई जांच को पक्षपातपूर्ण बताए जाने के बाद शुरू हुआ है। अधिकारियों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने उनके प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी वहीं धरने पर बैठ गए।
समिति का आरोप है कि नवाबगंज के बीडीओ दीपेंद्र पांडे ने जानबूझकर उनके खिलाफ साजिश रची है। यूनियन के अध्यक्ष विनोद कुमार सिंह का दावा है कि 9 अक्टूबर को बीडीओ पांडे ने उनके अधिकार क्षेत्र की पांच ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया। हैरान करने वाली बात यह है कि बीडीओ ने महज तीन घंटे के भीतर चार पन्नों की एक विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर ली और तुरंत स्पष्टीकरण की मांग करने लगे। यूनियन सदस्यों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई जिला विकास अधिकारी (DDO) कार्यालय से मिले पत्रों के आधार पर की गई है और बीडीओ का व्यवहार कर्मचारियों के प्रति बेहद अपमानजनक और द्वेषपूर्ण रहा है।
पुरानी शिकायतों और अनुशासनहीनता का मामला
प्रदर्शन कर रहे अधिकारियों ने बीडीओ दीपेंद्र पांडे के पुराने रिकॉर्ड का हवाला देते हुए बताया कि जब वे पायगपुर में बीडीओ थे, तब उनके खिलाफ तत्कालीन जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी से औपचारिक शिकायत की गई थी। उस शिकायत के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई के तौर पर उन्हें डीआरटीआई चितौरा से संबद्ध किया गया था।
समिति ने प्रशासन से मांग की है कि इस कथित साजिशी और भेदभावपूर्ण जांच को तुरंत रोका जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को अनसुना किया गया और उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आने वाले समय में इस आंदोलन को और अधिक व्यापक रूप देंगे।