आजमगढ़: पुलिस मुठभेड़ में दो शातिर चोर ढेर, लाखों के जेवर और हथियार बरामद

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ पुलिस एनकाउंटर में दो शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। कप्तानगंज पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस मुठभेड़ में दोनों आरोपी घायल हुए हैं। पुलिस ने इनके पास से चोरी के लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और अवैध हथियार बरामद किए हैं। यह पूरी कार्रवाई एसएसपी डॉ. अनिल कुमार के दिशा-निर्देशों पर चलाए जा रहे एंटी-क्राइम अभियान के तहत की गई है।
घटना 18 और 19 अक्टूबर की दरमियानी रात की है। पुलिस टीम को सूचना मिली थी कि दो बदमाश एक ऑटो-रिक्शा के जरिए बंद घरों की रेकी कर रहे हैं और चोरी की फिराक में हैं। जब पुलिस ने जाफरामऊ गांव के पास रानीपुर चौराहे पर इनके ऑटो को रोकने की कोशिश की, तो बदमाशों ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला करते हुए फायरिंग शुरू कर दी।
पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दोनों बदमाशों के बाएं पैर में गोली लगी और वे घायल हो गए। पुलिस ने रात करीब 1:10 बजे दोनों को दबोच लिया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान 34 वर्षीय दिनेश (उर्फ लकी या बुधवा) और 29 वर्षीय दीपक (उर्फ देवदत्त गौर) के रूप में हुई है। घायल बदमाशों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोयल्सा और फिर जिला अस्पताल आजमगढ़ भेजा गया।
बरामदगी और अपराध का तरीका
पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में सामान बरामद किया है, जिसमें शामिल हैं:
- दो .315 बोर के अवैध देसी पिस्तौल और जिंदा कारतूस।
- लगभग छह लाख रुपये मूल्य के सोने के गहने (अंगूठी, झुमके, मंगलसूत्र, चेन और मांग टीका)।
- चांदी की पायल और अंगूठियां।
- 7,500 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन, एक एलसीडी टीवी और वारदात में इस्तेमाल ऑटो-रिक्शा।
- एक स्टील बॉक्स, पहचान पत्र और एक जाली 100 रुपये का नोट।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये बदमाश बेहद शातिर तरीके से काम करते थे। वे ऑटो-रिक्शा से अलग-अलग इलाकों में घूमकर उन घरों की तलाश करते थे जो बंद होते थे। इसके बाद रात के अंधेरे में उन घरों का ताला तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जाता था। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपियों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उनके खिलाफ आजमगढ़ समेत अन्य जिलों में कई मुकदमे दर्ज हैं।