गाजियाबाद कोर्ट ने आजम खान को भेजा 14 दिन की न्यायिक हिरासत में, सुनवाई के दौरान रो पड़े सपा नेता
गाजियाबाद कोर्ट ने सपा नेता आजम खान को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी की कार्रवाई के बीच कोर्ट में रो पड़े आजम खान।

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। मनी लॉन्ड्रिंग के एक गंभीर मामले में गाजियाबाद की विशेष PMLA कोर्ट ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। 1 नवंबर 2026 को जब आजम खान कोर्ट में पेश हुए, तो वहां का नजारा काफी भावुक था। विशेष न्यायाधीश अवनीश कुमार पांडेय के सामने पेशी के दौरान आजम खान अपने आंसू नहीं रोक पाए और हाथ जोड़कर यह कहने लगे कि प्रतिशोध की भावना के कारण उनका सब कुछ तबाह कर दिया गया है।
जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ा है पूरा मामला
ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने आजम खान को 31 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी तब हुई जब उन्हें और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को इलाहाबाद हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद रामपुर जेल से रिहा किया गया था। वर्तमान मामला मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट और जौहर यूनिवर्सिटी से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की जांच से संबंधित है। जांच एजेंसी का आरोप है कि यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए मिले सरकारी फंड और ठेकेदारों के दान में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गईं और पैसों का डायवर्जन किया गया।
इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि ईडी ने संस्थान से जुड़ी जमीन और इमारतों के लिए प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया है, जिसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1,170 करोड़ रुपये बताई जा रही है।
कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी ने आजम खान की कस्टडी मांगी थी, लेकिन अदालत ने इस अनुरोध को खारिज कर दिया और उन्हें 13 नवंबर 2026 तक दसना जेल भेजने का निर्देश दिया। दूसरी ओर, आजम खान के वकीलों ने इस गिरफ्तारी को असंवैधानिक करार दिया है। बचाव पक्ष का तर्क है कि उनके खातों में वित्तीय हेराफेरी का कोई सबूत नहीं है और एजेंसी बी-वारंट का इस्तेमाल कर सकती थी। कानूनी टीम ने इस मामले को उच्च न्यायालय में ले जाने की बात भी कही है।