ED की गिरफ्तारी को आजम खान ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जल्द होगी सुनवाई
सपा नेता आजम खान ने ईडी की गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। जानें क्या है पूरा मामला और कोर्ट ने क्या कहा।

समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता आजम खान ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा अपनी गिरफ्तारी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। आजम खान ने शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर कर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती दी है। यह कानूनी लड़ाई उस समय शुरू हुई जब उन्हें एक मामले में रिहाई मिलते ही दूसरे मामले में हिरासत में ले लिया गया।
पूरा मामला 31 अक्टूबर 2026 का है, जब आजम खान को 'दो पैन कार्ड' मामले में रामपुर जेल से रिहा किया गया था। लेकिन रिहाई के महज 40 मिनट बाद ही ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। इसके बाद 1 नवंबर 2026 को गाजियाबाद की एक विशेष PMLA अदालत ने उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।
सुप्रीम कोर्ट में क्या हुआ?
सोमवार, 2 नवंबर 2026 को आजम खान की ओर से वकील निजाम पाशा ने मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की बेंच के सामने यह मामला रखा। कानूनी टीम ने इस गिरफ्तारी के खिलाफ तत्काल सुनवाई की मांग की। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तुरंत सुनवाई की अर्जी को खारिज कर दिया, लेकिन बेंच ने इस याचिका को इसी सप्ताह सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई है।
ईडी की यह जांच मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट से जुड़ी है। जांच एजेंसी का आरोप है कि सार्वजनिक कार्यों के लिए आवंटित सरकारी फंड का इस्तेमाल निजी जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए किया गया। साथ ही, उन पर कृषि भूमि को जबरन कब्जाने के आरोप भी हैं। इन दावों का आधार उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा दर्ज की गई कई एफआईआर (FIR) हैं।
बता दें कि इस मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 28 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय ने यूनिवर्सिटी की लगभग 1,170 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क कर ली थी। अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं कि अदालत इस मामले में क्या रुख अपनाती है।