ED केस में आजम खान को सुप्रीम कोर्ट से झटका, अब इलाहाबाद हाई कोर्ट से मिलेगी राहत या नहीं?
ईडी मामले में आजम खान की जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है। जानें क्या है पूरा मामला।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा गिरफ्तार किए जाने के बाद, आजम खान ने जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था, लेकिन शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने अब उन्हें जमानत और अंतरिम राहत के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट जाने का निर्देश दिया है।
मुख्य न्यायाधीश (CJI) संजीव खन्ना की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री को आदेश दिया कि याचिका के सभी मूल रिकॉर्ड दो दिनों के भीतर इलाहाबाद हाई कोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल को ट्रांसफर किए जाएं। अदालत ने हाई कोर्ट से अनुरोध किया है कि इस मामले को 16 नवंबर, 2026 को एक डिवीजन बेंच के सामने सूचीबद्ध किया जाए और उसी दिन अंतरिम राहत पर उचित आदेश पारित किए जाएं।
राजनीतिक साजिश का लगाया आरोप
सुनवाई के दौरान आजम खान की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ईडी की कार्रवाई को 'दुर्भावनापूर्ण' बताया। सिब्बल ने दलील दी कि आजम खान को जानबूझकर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने अदालत में कहा कि जैसे ही खान को एक मामले में जमानत मिलती है, उन्हें दूसरे नए मामले में फंसाकर फिर से गिरफ्तार कर लिया जाता है। वकील ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरी कानूनी प्रक्रिया इसलिए अपनाई जा रही है ताकि आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों के दौरान आजम खान जेल में ही रहें और चुनावी मैदान से दूर रहें।
बता दें कि ईडी ने 31 अक्टूबर को जौहर ट्रस्ट से जुड़े कथित 'दोहरे पैन कार्ड' मामले में मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप में आजम खान को गिरफ्तार किया था। यह गिरफ्तारी उनकी जेल से रिहाई के कुछ समय बाद ही हुई। गौरतलब है कि आजम खान अब तक कुल 87 अलग-अलग मामलों में जमानत पा चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा आदेश के बाद, अब आजम खान कम से कम 16 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे, जब इलाहाबाद हाई कोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा।