डुअल पैन कार्ड मामला: इलाहाबाद हाईकोर्ट से आजम खान और बेटे अब्दुल्ला आजम को मिली जमानत
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डुअल पैन कार्ड मामले में आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम को जमानत दे दी है और सजा पर रोक लगा दी है।

समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान के लिए कानूनी मोर्चे पर एक बड़ी राहत आई है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने डुअल पैन कार्ड मामले में दोनों को जमानत दे दी है। गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को जस्टिस समित गोपाल की सिंगल बेंच ने न केवल उन्हें जमानत दी, बल्कि रामपुर की ट्रायल कोर्ट द्वारा सुनाई गई सजा पर भी रोक लगा दी है।
इस मामले की शुरुआत साल 2019 में हुई थी, जब भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी। आरोप था कि अब्दुल्ला आजम खान ने अलग-अलग जन्म तिथियों वाले दो पैन कार्ड का इस्तेमाल किया था। इस मामले की सुनवाई करते हुए नवंबर 2025 में अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट शोभित बंसल की अदालत ने दोनों को जालसाजी, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश (धारा 467, 468, 420, 471 और 120-बी) के तहत दोषी करार दिया था।
राहत मिली लेकिन चुनावी अयोग्यता बरकरार
हाईकोर्ट ने जहां उन्हें जेल से बाहर आने की अनुमति दे दी है, वहीं एक महत्वपूर्ण मोड़ यह रहा कि कोर्ट ने उनकी दोषसिद्धि (conviction) पर रोक लगाने की याचिका को खारिज कर दिया। इसका सीधा मतलब यह है कि उनकी वर्तमान चुनावी अयोग्यता जारी रहेगी और वे फिलहाल चुनाव नहीं लड़ सकेंगे।
इस मामले में याचिकाकर्ताओं की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी, एनआई जाफरी और अधिवक्ता शाश्वत आनंद ने दलीलें पेश कीं, जबकि राज्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी और अधिवक्ता परितोष कुमार मालवीय नजर आए। कोर्ट ने 15 अक्टूबर को विस्तृत बहस सुनने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था, जिसे अब घोषित कर दिया गया है।
गौरतलब है कि यह कानूनी राहत ऐसे समय में आई है जब आजम खान परिवार मुश्किलों से घिरा हुआ है। महज एक दिन पहले, 28 अक्टूबर को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय की करीब 1,170 करोड़ रुपये की संपत्ति, जिसमें जमीन और इमारतें शामिल हैं, को कुर्क कर लिया था।