अयोध्या: राम मंदिर के पास तैयार हो रही भव्य पंचवटी वाटिका, त्रेता युग जैसा होगा अहसास

अयोध्या: राम मंदिर के पास तैयार हो रही भव्य पंचवटी वाटिका, त्रेता युग जैसा होगा अहसास

अयोध्या में प्रभु श्री राम के दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं के लिए एक बेहद खास अनुभव तैयार किया जा रहा है। राम मंदिर के पास अयोध्या पंचवटी वाटिका का निर्माण कार्य अब अपने अंतिम चरण में है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य भक्तों को त्रेता युग के उस वन वातावरण का अनुभव कराना है, जैसा रामायण काल में रहा होगा।

यह भव्य वाटिका श्री राम जन्मभूमि परिसर के भीतर कुबेर टीला के पास लगभग 10 एकड़ के क्षेत्र में विकसित की जा रही है। निर्माण कार्य की बात करें तो बागवानी और बुनियादी ढांचे का मुख्य काम पूरा हो चुका है। अब अंतिम चरण में उन पेड़ों को लगाने की प्रक्रिया चल रही है, जिनका जिक्र रामायण में मिलता है। यहाँ कुल 84 प्रजातियों के लगभग 200 पेड़ लगाए जा रहे हैं, जो आने वाले समय में इस पूरे क्षेत्र को एक घने जंगल का रूप दे देंगे।

पुष्करिणी तालाब और औषधीय पौधों की विशेषता

इस वाटिका के केंद्र में 'पुष्करिणी' नाम का एक सुंदर तालाब बनाया गया है, जिसके चारों ओर चारों तरफ हरियाली होगी। यह स्थान न केवल धार्मिक शांति प्रदान करेगा, बल्कि प्रकृति के साथ एक गहरा जुड़ाव भी महसूस कराएगा। वाटिका में लगाए जाने वाले 84 पौधों की प्रजातियों में बरगद, पीपल, पकर, नीम, आम, जामुन, बेल, आंवला, अशोक, अर्जुन, कदम्ब, चंदन, पलाश, शमी, महुआ, मौलसरी, करंज, कटहल, नारियल और केला शामिल हैं। इसके अलावा कई तरह के औषधीय और फूलों वाले पौधे भी लगाए जा रहे हैं।

खास बात यह है कि इस वाटिका को पूरी तरह ईको-फ्रेंडली बनाया गया है। यहाँ बंदरों और अन्य वन्यजीवों के रहने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं, ताकि प्रकृति का संतुलन बना रहे।

जैसे ही वृक्षारोपण का यह अंतिम कार्य पूरा हो जाएगा, पूरी साइट को श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंप दिया जाएगा। इसके बाद ट्रस्ट ही यह तय करेगा कि आम जनता के लिए इस वाटिका को कब खोला जाएगा और यहाँ आने का समय क्या होगा।

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