अयोध्या: हलकरा का पुरवा ओवरब्रिज से यातायात हुआ आसान, लेकिन रात के अंधेरे ने बढ़ाई चिंता

अयोध्या के पंचकोसी परिक्रमा मार्ग पर स्थित अयोध्या हलकरा का पुरवा ओवरब्रिज अब स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं के लिए बड़ी राहत बनकर उभरा है। इस ओवरब्रिज के शुरू होने से दर्शननगर की ओर जाने वाले यात्रियों को अब उस पुरानी रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों इंतजार नहीं करना पड़ता, जहाँ पहले ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या रहती थी। करीब 974.62 मीटर लंबा यह फोर-लेन ब्रिज अब इलाके की लाइफलाइन बन चुका है।
इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट को 11 अक्टूबर 2023 को औपचारिक मंजूरी मिली थी, जिसे करीब 188.93 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। अगर मोदहा और हलकरा का पुरवा, दोनों ओवरब्रिज की बात करें, तो इन बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर कुल 398.17 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। जिला प्रशासन ने इस काम में काफी तेजी दिखाई थी। जून 2024 में जिलाधिकारी नीतीश कुमार ने सेतु निगम के डिप्टी प्रोजेक्ट मैनेजर को सख्त निर्देश दिए थे कि काम की गुणवत्ता से कोई समझौता न हो और इसे 31 दिसंबर 2024 तक हर हाल में पूरा किया जाए।
सुविधा तो मिली, पर रोशनी का इंतजार
भले ही यह ओवरब्रिज पिछले कई महीनों से चालू है और लोगों का सफर आसान हो गया है, लेकिन एक बड़ी कमी अब भी बरकरार है। विकास प्राधिकरण द्वारा पुल पर लगाई गई सजावटी लाइटें बंद पड़ी हैं, जिसकी वजह से रात के समय पूरा ओवरब्रिज अंधेरे में डूबा रहता है। यह स्थिति राहगीरों के लिए परेशानी का सबब बन रही है।
हैरानी की बात यह है कि पुल के खुलने के बाद से ही रोशनी की यह समस्या बनी हुई है। हालांकि, इन लाइटों के रखरखाव की जिम्मेदारी नगर निगम की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि जब करोड़ों रुपये खर्च कर इतना शानदार पुल बनाया गया है, तो रात में रोशनी की व्यवस्था न होना समझ से परे है।