दीपोत्सव के बाद भी अयोध्या में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब, सीएम योगी ने टेका माथा
दीपोत्सव के बाद भी अयोध्या में उमड़ रही है भक्तों की भारी भीड़। सीएम योगी ने राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में पूजा की, सुरक्षा के कड़े इंतजाम।

दीपोत्सव का औपचारिक आयोजन भले ही 7 नवंबर को समाप्त हो गया हो, लेकिन रामनगरी अयोध्या में भक्तों का उत्साह कम होने का नाम नहीं ले रहा है। देशभर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अब भी अयोध्या पहुंच रहे हैं, जिससे शहर में भारी भीड़ देखी जा रही है। इसी बीच, रविवार 8 नवंबर 2026 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहर का दौरा किया और हनुमानगढ़ी मंदिर सहित श्री राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
राम जन्मभूमि मंदिर में इस अवसर पर विशेष 'छप्पन भोग' का आयोजन किया गया, जिसे देखने और प्रभु राम के दर्शन करने के लिए भक्तों का हुजूम उमड़ पड़ा। श्रद्धालुओं की इस भारी आमद को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ट्रैफिक मैनेजमेंट
भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अयोध्या में लगभग 6,000 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। सुरक्षा के लिए केवल बल ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी सहारा लिया जा रहा है। पूरे शहर की निगरानी सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के जरिए की जा रही है, साथ ही लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) की टीमें सादे कपड़ों में तैनात हैं।
सुरक्षा को और पुख्ता करने के लिए एंटी टेररिज्म स्क्वाड (ATS), स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और बम निरोधक दस्ते लगातार निरीक्षण कर रहे हैं। प्रशासन ने ट्रैफिक की समस्या से निपटने के लिए रूट डायवर्जन लागू किया है और पार्किंग के लिए विशेष क्षेत्र निर्धारित किए हैं, ताकि श्रद्धालुओं को पैदल चलने में आसानी हो।
भक्तों के लिए कुछ और खास आकर्षण भी हैं। रामकथा पार्क में 'अयोध्या: आस्था, संघर्ष और पुनरुद्धार' नाम से एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई है, जिसे 8 और 9 नवंबर को देखा जा सकता है। साथ ही, हनुमानगढ़ी और कनक भवन जैसे प्रमुख मंदिरों ने दिवाली के दौरान भक्तों की सुविधा के लिए अपने समय बढ़ा दिए हैं और विशेष आरती का आयोजन किया जा रहा है।
दूसरी ओर, राजनीतिक गलियारों से खबर है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव भी अपने परिवार के साथ 12 दिसंबर को राम मंदिर और हनुमानगढ़ी के दर्शन करने की योजना बना रहे हैं।