'आपने कहा था मंदिर बनाओ, आज वह खड़ा है', 30 लाख दीयों की रोशनी के बीच बोले CM योगी

अयोध्या में 10वें दीपोत्सव पर 30 लाख दीये जलाए गए। सीएम योगी ने राम मंदिर निर्माण और 500 साल के संघर्ष को याद किया।

Sushant Singh7 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
'आपने कहा था मंदिर बनाओ, आज वह खड़ा है', 30 लाख दीयों की रोशनी के बीच बोले CM योगी

अयोध्या धाम में शनिवार की शाम एक बार फिर त्रेता युग की आध्यात्मिक भव्यता जीवंत हो उठी। अवसर था 10वें दीपोत्सव का, जहां सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाकर एक नया कीर्तिमान रचा गया। इस भव्य आयोजन ने न केवल पूरी नगरी को रोशनी से सराबोर कर दिया, बल्कि नए बने राम मंदिर की पृष्ठभूमि में अयोध्या के पुनरुत्थान की कहानी भी बयां की। इस मौके पर उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित हजारों संत और श्रद्धालु मौजूद रहे।

कार्यक्रम के दौरान राम की पैड़ी पर शानदार लाइट एंड ड्रोन शो पेश किए गए और रामायण के विभिन्न प्रसंगों को सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए दिखाया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभु श्री राम और माता जानकी की आरती व पूजा करने के बाद राम कथा पार्क में उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया।

500 साल का संघर्ष और मंदिर का सपना

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दीपोत्सव के शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि उस समय इस आयोजन की काफी आलोचना हुई थी और लोग इसे परंपरा का हिस्सा नहीं मानते थे। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, "पहले दीपोत्सव के समय लोग कहते थे कि यह हमारी परंपरा नहीं है। तब नारे लगते थे कि योगी जी, एक काम करो—मंदिर बनाओ। और आज आप खुद देख सकते हैं कि मंदिर बन चुका है।"

सीएम योगी ने अयोध्या की यात्रा को 500 साल के संघर्ष और गुलामी के दौर से जोड़ते हुए कहा कि विदेशी आक्रमणकारियों के समय कई लोगों को संदेह था कि क्या राम लला फिर से अयोध्या में विराजमान हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि आज अयोध्या उस गौरव को वापस पा रही है, जिसके लिए अनेक संतों ने लंबा संघर्ष किया और कर सेवकों ने सर्वोच्च बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री ने अयोध्या के कायाकल्प का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को दिया। उन्होंने कहा कि जिस शहर में कभी 'राम' नाम लेने पर लाठीचार्ज और गोलियां चलती थीं और जिसे पूरी तरह उपेक्षित छोड़ दिया गया था, वह आज महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे जैसे बुनियादी ढांचे के साथ फिर से जीवित हो उठा है।

राजनीतिक विरोधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने अतीत में संतों और भक्तों का अपमान किया, उन्हें अयोध्या आने से पहले माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिन्होंने राम भक्तों पर गोलियां चलवाईं और संतों को अपमानित किया, वे केवल पश्चाताप और क्षमा याचना के बाद ही यहां आएं।

वहीं, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने राम मंदिर को हिंदू आत्म-सम्मान का प्रतीक बताया और प्रधानमंत्री मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या के विकास की सराहना की।

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