अयोध्या दीपोत्सव: 30 लाख दीयों से जगमगाएगी नगरी, तैयारियां तेज
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियां तेज। 30 लाख दीयों का लक्ष्य और 32 हजार वॉलंटियर्स की टीम संभाल रही है मोर्चा।

राम नगरी अयोध्या एक बार फिर इतिहास रचने की तैयारी में है। 10वें अयोध्या दीपोत्सव की तैयारी पूरे जोर-शोर से चल रही है, जहां इस बार प्रशासन ने 30 लाख से अधिक दीयों को प्रज्वलित कर पूरी नगरी को रोशनी से सराबोर करने का लक्ष्य रखा है। सरयू नदी के तट पर होने वाला यह भव्य आयोजन न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि अपनी भव्यता से दुनिया को अचंभित भी करेगा।
इस महा-अभियान का केंद्र सरयू नदी के 56 घाट होंगे, जिनमें 'राम की पैड़ी' मुख्य आकर्षण होगी। लक्ष्य 30 लाख दीयों का है, लेकिन किसी भी तरह की कमी या टूट-फूट की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने पहले ही करीब 33 लाख दीयों का इंतजाम कर लिया है। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन और डॉ. राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के बीच खास तालमेल बिठाया गया है।
32 हजार वॉलंटियर्स संभाल रहे हैं मोर्चा
इतने बड़े पैमाने पर दीये जलाने के लिए एक बड़ी फौज तैनात की गई है। विश्वविद्यालय और उससे जुड़े कॉलेजों के 32,000 से अधिक छात्र वॉलंटियर्स के रूप में इस कार्य में जुटे हैं। ये युवा न केवल घाटों की सजावट कर रहे हैं, बल्कि उन्हें विशेष प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है। ट्रेनिंग के दौरान उन्हें ग्रिड-आधारित दीया प्लेसमेंट, तेल और बाती के प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय रिकॉर्ड मानकों के पालन के बारे में सिखाया जा रहा है।
भीड़ को नियंत्रित करने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने एक सटीक ब्लूप्रिंट तैयार किया है। सभी 56 घाटों को अलग-अलग ब्लॉक में बांटा गया है और सुरक्षा के लिहाज से 2.5 फीट चौड़े कॉरिडोर बनाए गए हैं, ताकि लोग आसानी से आवाजाही कर सकें और किसी भी तरह की भगदड़ न मचे।
यह भव्य आयोजन 5 नवंबर से 8 नवंबर तक चलेगा, लेकिन मुख्य दीप प्रज्वलन कार्यक्रम शनिवार, 7 नवंबर 2026 को 'छोटी दिवाली' के अवसर पर होगा। उत्तर प्रदेश सरकार की देखरेख में होने वाला यह उत्सव राज्य के सांस्कृतिक कैलेंडर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है, जिसके लिए पूरी अयोध्या अभी से सजने लगी है।