अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारी: 30 लाख दीयों की रोशनी और 2100 ड्रोन्स का होगा जलवा

अयोध्या में 10वां दीपोत्सव 7 नवंबर को मनेगा। 30 लाख दीयों की रोशनी और 2100 स्वदेशी ड्रोन्स का शानदार शो आकर्षण का केंद्र होगा।

Sushant Singh23 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारी: 30 लाख दीयों की रोशनी और 2100 ड्रोन्स का होगा जलवा

राम नगरी अयोध्या एक बार फिर दुनिया को अपनी भव्यता से चकित करने के लिए तैयार है। आगामी 7 नवंबर को शहर में 10वां अयोध्या दीपोत्सव 2026 मनाया जाएगा, जो इस बार पहले से कहीं अधिक भव्य और आधुनिक होने वाला है। इस उत्सव का सबसे बड़ा आकर्षण आसमान में उड़ने वाले 2,100 स्वदेशी ड्रोन होंगे, जो एक शानदार एरियल शो के जरिए दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देंगे।

उत्सव की तैयारी को अंतिम रूप देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 23 अक्टूबर को पूरी व्यवस्थाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि आयोजन के दौरान धार्मिक मर्यादा और सांस्कृतिक परंपराओं का पूरी तरह पालन हो। साथ ही, सुरक्षा और लॉजिस्टिक्स के उच्च मानकों को सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है ताकि आने वाले श्रद्धालुओं और मेहमानों को किसी परेशानी का सामना न करना पड़े।

56 घाटों पर सजेगी रोशनी, जुटेंगे हजारों स्वयंसेवक

इस बार दीपोत्सव की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अयोध्या के 56 घाटों पर कुल 30 लाख मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे। किसी भी तरह की कमी न रहे, इसके लिए प्रशासन ने 33 लाख दीयों का इंतजाम किया है ताकि टूटने वाले दीयों की भरपाई की जा सके। इस विशाल कार्य को पूरा करने के लिए अवध यूनिवर्सिटी के करीब 35,000 स्वयंसेवकों को तैनात किया गया है। आयोजन की औपचारिक शुरुआत 23 अक्टूबर को घाट नंबर 10 पर 'भूमि पूजन' के साथ हो चुकी है।

सिर्फ दीये ही नहीं, बल्कि यह उत्सव कला और संस्कृति का संगम भी होगा। कार्यक्रम में निम्नलिखित खास आकर्षण शामिल रहेंगे:

  • सांस्कृतिक संगम: भारत के 12 राज्यों (जैसे ओडिशा, कर्नाटक, महाराष्ट्र, असम और केरल) के 1,000 कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे।
  • दिव्य प्रदर्शन: रामायण पर आधारित झांकियां, 'भरत मिलाप' का मंचन और एक भव्य राज्याभिषेक समारोह आयोजित किया जाएगा।
  • आधुनिक तकनीक: ड्रोन शो के साथ-साथ लेजर शो और 3D प्रोजेक्शन के जरिए राम कथा को जीवंत किया जाएगा।
  • वैश्विक उपस्थिति: 12 देशों के सांस्कृतिक प्रतिनिधि और कई विदेशी राजदूतों को भी इस उत्सव में आमंत्रित किया गया है।

श्रद्धा और भक्ति के इस माहौल में सरयू नदी के तट पर 2,147 प्रतिभागी विशेष प्रार्थना में शामिल होंगे, जो इस आयोजन को आध्यात्मिक रूप से और भी समृद्ध बनाएंगे।

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