अयोध्या दीपोत्सव: सीएम योगी ने उपराष्ट्रपति का किया स्वागत, कहा- यह रोशनी का पर्व बनेगा ऐतिहासिक
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की तैयारियां पूरी। सीएम योगी ने उपराष्ट्रपति और विदेशी राजनयिकों का स्वागत किया, 30 लाख दीयों से जगमगाएगी सरयू।

उत्तर प्रदेश की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर रोशनी के महापर्व के लिए सज चुकी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10वें दीपोत्सव के अवसर पर उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन का हार्दिक स्वागत किया है। सीएम योगी ने विश्वास जताया कि उपराष्ट्रपति की गरिमामयी उपस्थिति इस उत्सव को ऐतिहासिक और अविस्मरणीय बना देगी।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी खुशी साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल उपराष्ट्रपति, बल्कि विभिन्न देशों के राजदूतों, उच्चायुक्तों और राजनयिकों का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरयू नदी के तट पर 30 लाख से अधिक earthen lamps (मिट्टी के दीयों) का प्रज्वलन अंधकार पर प्रकाश और असत्य पर सत्य की शाश्वत विजय का उद्घोष करेगा।
मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए लिखा कि माँ सरयू की गोद में बसी श्री अयोध्या धाम आज दिव्य आनंद, गर्व और भक्ति के संगम के लिए पूरी तरह तैयार है। सनातन धर्म के करोड़ों अनुयायियों की वर्षों की प्रतीक्षा और अटूट विश्वास एक बार फिर लाखों दीयों की सुनहरी चमक के रूप में साकार होने जा रहा है। उन्होंने इस आयोजन को समानता, सद्भाव और 'वसुधैव कुटुंबकम' की भावना का प्रतीक बताया।
रामलला की आरती और भव्य ड्रोन शो का आकर्षण
इस वर्ष के दीपोत्सव को बेहद खास बनाने के लिए कई बड़े आयोजन किए गए हैं। उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ संयुक्त रूप से श्री राम जन्मभूमि मंदिर में रामलला की आरती करेंगे। इसके अलावा, राम की पैड़ी और राम कथा पार्क में भी भव्य कार्यक्रम आयोजित होंगे।
अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने बताया कि पूरा शहर भारत की राष्ट्रपति के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहा है, जो इस वर्ष के दीपोत्सव में मुख्य अतिथि होंगी। उत्सव के मुख्य आकर्षणों में शामिल हैं:
- ड्रोन शो: 2,100 ड्रोन्स के जरिए रामायण के विभिन्न प्रसंगों को आसमान में जीवंत किया जाएगा।
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: पांच अलग-अलग देशों के कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे।
- सरयू महा आरती: इसमें जनप्रतिनिधियों और आम जनता सहित 2,147 प्रतिभागी हिस्सा लेंगे, जिसमें वैदिक मंत्रोच्चार के साथ आरती की जाएगी।
बता दें कि दीपोत्सव का आयोजन भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटने और रावण पर विजय प्राप्त करने की स्मृति में किया जाता है।