अयोध्या दीपोत्सव: उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और सीएम योगी ने मिलकर की राम लला की आरती
अयोध्या के 10वें दीपोत्सव में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन, राज्यपाल और सीएम योगी ने राम लला की आरती की और करोड़ों दीये जलाए।

धर्मनगरी अयोध्या एक बार फिर रोशनी से सराबोर हो उठी। 7 नवंबर 2026 को आयोजित 10वें अयोध्या दीपोत्सव 2026 में उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने शिरकत की। इस भव्य आयोजन में उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उपराष्ट्रपति का जोरदार स्वागत किया। इस मौके पर तीनों दिग्गजों ने मिलकर प्रभु श्री राम लला की आरती की, जो उत्सव का सबसे भावुक और महत्वपूर्ण क्षण रहा।
उत्सव के दौरान उपराष्ट्रपति राधाकृष्णन ने भगवान राम के प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह में हिस्सा लिया और वहां मौजूद विभिन्न संतों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस बार की तैयारियां अभूतपूर्व थीं। सरयू नदी के 56 घाटों पर करीब 3 करोड़ से 3.3 करोड़ मिट्टी के दीये जलाकर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया गया, जिससे पूरी अयोध्या नगरी जगमगा उठी।
आकर्षण का केंद्र रहे ड्रोन शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम
इस उत्सव में केवल दीये ही नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक का भी संगम देखने को मिला। रामकथा पार्क में एक विशेष प्रदर्शनी लगाई गई, जिसमें अयोध्या के 500 साल पुराने इतिहास और राम मंदिर आंदोलन की यात्रा को दर्शाया गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रामलीला ने सबका मन मोह लिया। सबसे ज्यादा चर्चा 2,100 ड्रोन्स के जरिए दिखाए गए उस प्रदर्शन की रही, जिसमें रामायण के विभिन्न दृश्यों को आसमान में जीवंत किया गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि दीपोत्सव केवल आस्था का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था और शिल्पकारों के लिए भी एक बड़ा अवसर है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए थे, जिसमें 2,500 से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ पीएसी (PAC), केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और एनडीआरएफ (NDRF) की टीमों को तैनात किया गया था ताकि पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।