अयोध्या दीपोत्सव 2026: सीएम योगी ने देशवासियों को दिया भव्य आयोजन का निमंत्रण

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के 10वें भव्य दीपोत्सव के लिए देशवासियों को आमंत्रित किया है। जानें कब है आयोजन और क्या होगा खास।

Sushant Singh27 October 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अयोध्या दीपोत्सव 2026: सीएम योगी ने देशवासियों को दिया भव्य आयोजन का निमंत्रण

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूरे देश को अयोध्या के 10वें भव्य अयोध्या दीपोत्सव 2026 का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। साल 2017 से शुरू हुई यह परंपरा अब अपने दसवें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया के जरिए इस निमंत्रण को साझा करते हुए कहा कि यह उत्सव भगवान श्री राम के प्रति अटूट श्रद्धा, सनातन संस्कृति के गौरव और भारत के सांस्कृतिक स्वाभिमान का प्रतीक है।

यह दो दिवसीय उत्सव 6 नवंबर 2026 से शुरू होगा, जिसकी शुरुआत एक भव्य रामायण झांकी यात्रा के साथ की जाएगी। मुख्य दीपोत्सव का आयोजन 7 नवंबर को होगा, जो 8 नवंबर को मनाई जाने वाली दीपावली से ठीक पहले शहर को रोशनी से सराबोर कर देगा। इस बार प्रशासन ने एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसके तहत सरयू नदी के तटों, विशेषकर राम की पैड़ी और 56 घाटों पर करीब 2.8 करोड़ से 3 करोड़ मिट्टी के दीये जलाए जाएंगे।

आकर्षण और तैयारियां: ड्रोन शो से लेकर अंतरराष्ट्रीय मेहमान तक

इस बार का उत्सव केवल दीयों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीक का भी समावेश होगा। आयोजन में 2,100 ड्रोन्स के जरिए आसमान में अद्भुत आकृतियां बनाई जाएंगी और लेजर शो का प्रदर्शन होगा। साथ ही, 2,147 प्रतिभागियों द्वारा एक भव्य सरयू आरती की जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होगी।

इस महाकुंभ जैसी तैयारी को सफल बनाने के लिए राज्य प्रशासन और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट मिलकर काम कर रहे हैं। आयोजन के प्रबंधन के लिए 35,000 स्वयंसेवकों को लगाया गया है। खास बात यह है कि इस उत्सव में 12 देशों के सांस्कृतिक दल, विदेशी राजदूत और भारतीय राजनयिकों को भी आमंत्रित किया गया है।

जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, स्वच्छता और ट्रैफिक मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यह आयोजन अयोध्या के बदलते स्वरूप को भी दुनिया के सामने रखेगा, जिसमें नवनिर्मित राम मंदिर, महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा और एक मॉडल सोलर सिटी के रूप में शहर का पुनर्विकास शामिल है।

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