अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की धूम: 30 लाख दीयों से रचेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

अयोध्या में 10वें भव्य दीपोत्सव का आयोजन। 30 लाख दीयों, 21 झांकियों और 2100 ड्रोन्स के साथ शहर सजेगा। जानें पूरा कार्यक्रम।

Shubham Singh7 November 20262 min read0 viewsउत्तर प्रदेश
अयोध्या में 10वें दीपोत्सव की धूम: 30 लाख दीयों से रचेगा नया वर्ल्ड रिकॉर्ड

राम नगरी अयोध्या एक बार फिर रोशनी के समंदर में डूबने के लिए तैयार है। आज, 7 नवंबर 2026 को शहर में 10वें भव्य अयोध्या दीपोत्सव 2026 का आयोजन किया जा रहा है, जो अपनी भव्यता और पैमाने के मामले में अब तक का सबसे बड़ा उत्सव होने वाला है। इस बार का मुख्य आकर्षण सरयू नदी के 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाना है, जिसके जरिए एक नया विश्व रिकॉर्ड बनाने की तैयारी है।

उत्सव की शुरुआत साकेत डिग्री कॉलेज से निकली एक शानदार झांकी यात्रा के साथ हुई। इस जुलूस में कुल 21 सजावटी झांकियां शामिल हैं, जो राम पथ से होते हुए राम कथा पार्क तक जाएंगी। इनमें से 14 झांकियां सूचना विभाग और 7 संस्कृति विभाग द्वारा तैयार की गई हैं, जो रामायण के विभिन्न प्रसंगों और राज्य सरकार की उपलब्धियों को जीवंत रूप में प्रदर्शित कर रही हैं।

ड्रोन शो और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का संगम

इस ऐतिहासिक अवसर पर भारत के उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद हैं। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी कार्यक्रम की शोभा बढ़ा रहे हैं। उत्सव को यादगार बनाने के लिए तकनीक और कला का अद्भुत मेल देखने को मिलेगा:

  • आसमान में जादू: 2,100 ड्रोन्स के जरिए एक शानदार ड्रोन शो पेश किया जाएगा, साथ ही लेजर और प्रोजेक्शन मैपिंग से सरयू के तट को रोशन किया जाएगा।
  • कलाकारों का जमावड़ा: देश-विदेश से आए लगभग 2,500 कलाकार अपनी प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय बनाएंगे।
  • स्वयंसेवकों का योगदान: अवध यूनिवर्सिटी के करीब 35,000 छात्र इस विशाल आयोजन में दीये सजाने और प्रबंधन में मदद कर रहे हैं।

उपराष्ट्रपति के कार्यक्रम में राम जन्मभूमि मंदिर के दर्शन, भगवान राम का प्रतीकात्मक राज्याभिषेक समारोह और सरयू महा आरती शामिल है। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने कड़े इंतजाम किए हैं। राम की पैड़ी, राम कथा पार्क और जन्मभूमि परिसर जैसे संवेदनशील इलाकों में मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए साकेत कॉलेज और टेढ़ी बाजार जैसे रूटों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।

बता दें कि यह तीन दिवसीय उत्सव 5 नवंबर से शुरू हुआ था, जो 8 नवंबर को दीपावली के औपचारिक जश्न के साथ अपने चरम पर पहुंचेगा।

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