अयोध्या चुनाव चुनौती: सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने सीएम योगी पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश की राजनीति में इन दिनों जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया राजनीतिक बयानों को सिरे से खारिज कर दिया है। लखनऊ में बात करते हुए प्रसाद ने कहा कि मुख्यमंत्री जी, अखिलेश यादव द्वारा दी गई अयोध्या चुनाव की चुनौती के पीछे के असली इरादे को समझ नहीं पाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी ने एक महीने पहले ही अयोध्या सीट के लिए अपने उम्मीदवार की घोषणा कर दी थी।
पूरा मामला 8 अक्टूबर 2026 से शुरू हुआ, जब सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव अयोध्या में पूर्व मंत्री पवन पांडे के आवास पर आयोजित एक भगवत कथा में शामिल हुए थे। वहां उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या शहर से चुनाव लड़ने की चुनौती दी। अखिलेश यादव का दावा था कि सपा द्वारा उम्मीदवार घोषित किए जाने के बाद आंतरिक सर्वे में भाजपा पिछड़ रही है। इसके जवाब में 10 अक्टूबर को मुख्यमंत्री ने बलरामपुर की एक जनसभा में पलटवार किया।
इस सियासी घमासान के बीच अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि उनके 'PDA प्रहरी' अयोध्या में उन लोगों को हराने के लिए काफी हैं, जिन्हें उन्होंने 'चंदा-दान' चोर कहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के आंतरिक सर्वे बताते हैं कि पार्टी का कोई भी उम्मीदवार इस निर्वाचन क्षेत्र से लड़ने को तैयार नहीं है।
2027 चुनाव और PDA का दावा
सांसद अवधेश प्रसाद ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यादव और आदित्यनाथ के बीच असली मुकाबला चुनाव परिणामों के बाद और नई सरकार बनने पर ही दिखेगा। उन्होंने भविष्यवाणी की कि जनता मुख्यमंत्री को भविष्य के चुनावों में अखिलेश यादव के सामने टिकने के लायक नहीं छोड़ेगी।
भाजपा के '80-20' के चुनावी फॉर्मूले पर प्रहार करते हुए प्रसाद ने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों में यह समीकरण '95-5' में बदल जाएगा। उनके अनुसार, 95 प्रतिशत वोट PDA (पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक) के पक्ष में होंगे और भाजपा 50 से ज्यादा सीटें जीतने में नाकाम रहेगी।
वहीं, धार्मिक यात्राओं को लेकर अवधेश प्रसाद ने यह भी साफ किया कि अखिलेश यादव अपने परिवार के साथ राम मंदिर जाएंगे। इसकी तारीख सैफई (इटावा) में केदारेश्वर महादेव मंदिर का निर्माण पूरा होने के बाद तय की जाएगी।